मध्यप्रदेश के राज्यपाल ने अधिकारियों से की ये अपील

मध्यप्रदेश के राज्यपाल ने अधिकारियों से की ये अपील

भोपाल।

प्रदेश में कोरोना के बढ़ते संकट के बीच राज्यपाल लालजी टंडन ने पत्र लिखकर आईएएस आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों से कोरोना संबंधी अपील की है। लालजी टंडन ने अपने पत्र में कहा है कि जो भी अधिकारी जहां है वहीं से अपना सहयोग प्रदान करें। वहीं उन्होंने अधिकारियों से अपील की है कि वह जनता को इस संक्रमण से बचने के लिए जागरूक करें।

राज्यपाल लालजी टंडन ने अपने पत्र में लिखा है कि को रोना एक विश्वव्यापी संकट है और अभी भारत में भी अपने पांव पसार चुका है। जिसके रोकथाम के लिए तीनों ही सेवा आईएएस आईपीएस और आईएफएस के अधिकारियों की भूमिका बढ़ जाती है।ऐसे में अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में सजगता से कार्य करते रहने की जरूरत है ताकि इस संकट को दूर किया जा सके। राज्यपाल टंडन ने आगे लिखते हुए कहा है निश्चित ही अधिकारियों के सहयोग से बड़ी सफलता हासिल होगी।  राज्यपाल टंडन ने अधिकारियों से अपील की है कि वह जनता को इस संक्रमण से होने वाले नुकसान और उससे कैसे बचा जा सकता है इसके बारे में लोगों को बताएं। लोगों को बताएं कि सोशल डिस्टेंस इस संक्रमण को रोकने का एकमात्र उपाय है। सोशल डिस्टेंस इन सब लोगों के संपर्क में ना आना। साथ ही अत्यधिक आवश्यकता होने पर कम से कम एक से डेढ़ मीटर की दूरी बनाकर रखें।

उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि वह जनता से अपील करें कि वह किसी भी सामाजिक, धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा ना ले। साफ सफाई का ध्यान रखें और अपने हाथ को साबुन और पानी से लगातार 20 सेकंड तक धोते रहें। राज्यपाल टंडन ने कहा है कि बुजुर्ग एवं बच्चों का खासा ध्यान रखें। टंडन ने अपने पत्र में लिखा है कि वह मानते हैं कि युवाओं, बुद्धिजीवियों कलाकार एवं साहित्यकारों में अपनी बात रखने की अतिरिक्त क्षमता होती है। पदाधिकारियों से अपील है कि वह इस मकसद को पूरा करने में उनका सहयोग और मार्गदर्शन ले। वही राज्यपाल टंडन ने इन तीनों ही सेवाओं के रिटायर्ड अधिकारियों से भी अपील की है कि संकट की इस घड़ी में वह अपने अनुभव को युवा अधिकारियों से साझा करते रहे और कोरोना जैसे वैश्विक महामारी से लड़ने में सहायक बने।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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