तीन महीने में बदल गए विचार, तब कहा था कांग्रेस में ही जियेंगे-मरेंगे, अब भाजपा के हुए

तीन महीने में बदल गए विचार, तब कहा था कांग्रेस में ही जियेंगे-मरेंगे, अब भाजपा के हुए

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मध्य प्रदेश (Madhyapradesh) के राजनीतिक इतिहास में साल 2020 काफी उथल पुथल से गुजर रहा है| जो कभी नहीं हुआ इस साल में देखने को मिल रहा है| थोक में विधायकों के इस्तीफों के बाद पहली बार 28 सीटों पर उपचुनाव (Byelection) हो रहे हैं| इस बीच एक और विधायक के इस्तीफे से सियासत में हलचल मच गई| दमोह से कांग्रेस विधायक राहुल लोधी (Rahul Lodhi) ने पद से इस्तीफा दे दिया, इसके बाद वे बीजेपी (BJP) में शामिल हो गए| जुलाई में भी उनके भाजपा में आने की अटकलें थी, लेकिन उन्होंने इससे साफ़ इंकार कर दिया था| अब आखिरकार वे भाजपा के हो गए|

जुलाई महीने में जब बड़ा मलहरा सीट से विधायक प्रद्युम्न सिंह लोधी ने पद से इस्तीफा देकर कांग्रेस का साथ छोड़ा और भाजपा का दामन थाम लिया था| तभी राहुल लोधी के भी भाजपा में जाने की अटकलें शुरू हो गई थी| राहुल सिंह लोधी रिश्ते में प्रद्युम्न के चचेरे भाई हैं। तब राहुल ने स्वीकार किया था कि उन्हें ऑफर दिए गए थे, लेकिन वे अपना सम्मान नहीं बेच सकते। उन्होंने कहा था मैं कांग्रेसी था और रहूंगा। लेकिन तीन महीने बाद उनके विचार अचानक बदल गए और वे भाजपा के हो गए|

राहुल लोधी के इस्तीफ़ा से हैरानी, बीजेपी का प्लान बी शुरू!
कमलनाथ की सरकार बनने के बाद से ही प्रदेश की सियासत में विधायकों के संपर्क में होने की चर्चा खूब रही, लेकिन सफलता भाजपा को मिली| एक के बाद एक कर भाजपा ने अब तक कांग्रेस को 29 झटके दे दिए हैं| राहुल लोधी का कांग्रेस छोड़ना इसलिए भी चौंका रहा है क्यूंकि अब उपचुनाव के लिए गिनती के दिन बचे हैं| हालांकि इसे भाजपा का प्लान बी भी बताया जा रहा है| उपचुनाव के परिणाम के बाद की रणनीति के तहत यह दांव खेला गया है|

कमलनाथ कर रहे अपील, शिवराज बोले आत्मचिंतन करो
इधर एक और विधायक के इस्तीफे से कांग्रेस में हड़कंप मच गया है| कांग्रेस ने फिर से खरीद फरोख्त के आरोप लगाते हुए राहुल लोधी को बिकाऊ बताया है| कमलनाथ ने प्रदेश की जनता से अपील की है कि वो आगे आकर लोकतंत्र व संविधान की रक्षा करे, भाजपा की इस घृणित राजनीति को करारा जवाब देते हुए इसका अंत करे| कमलनाथ ने कहा जनता जनादेश का, अपने वोट का सम्मान बचाये रखें, आगे आकर प्रदेश को और कलंकित होने से बचायें। वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा हमें बुरा भला कहने से कुछ नहीं होगा कमलनाथ को आत्मचिंतन करना चाहिए, किसी को बिकायु कहकर उनका अपमान करना गलत है|

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews