Tokyo Olympics : विवेक, नीलकांत ने बढ़ाया मध्यप्रदेश का मान, एक एक करोड़ देगी सरकार

Tokyo Olympics : विवेक, नीलकांत ने बढ़ाया मध्यप्रदेश का मान, एक एक करोड़ देगी सरकार

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट।  टोक्यो ओलम्पिक (Tokyo Olympics) में कांस्य पदक जीतकर 41 साल का सूखा ख़त्म करने वाली भारतीय हॉकी टीम के प्रदर्शन के बाद भारत के खेलप्रेमियों की खुशियां आसमान छू रही हैं। मध्यप्रदेश के खेलप्रेमियों का सीना भी गर्व से ऊंचा हो गया है क्योंकि कांस्य पदक विजेता टीम में मध्यप्रदेश से जुड़े दो खिलाड़ी शामिल हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (cm shivraj singh chauhan) ने दोनों खिलाड़ियों को एक एक करोड़ रुपये की सम्मान निधि देने की घोषणा की है।

भारत की पुरुष हॉकी टीम ने आज गुरुवार 5 अगस्त का दिन यादगार बना दिया। टोक्यो ओलम्पिक (Tokyo Olympics) में भारत के जाबांजों ने जर्मनी जैसी मजबूत टीम को 5-4 से हराकर कांस्य पदक जीत लिया है।  इस जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीम को बधाई देते हुए कहा है कि ये ऐतिहासिक दिन है जो हर भारतीय की स्मृति में सदा के लिए अंकित हो गया है। हमें भारतीय टीम पर गर्व है।

ये भी पढ़ें – Tokyo Olympic 2020 : सुनहरा गुरूवार, भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने ओलंपिक में कांस्य पदक जीता

उधर  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री भी खासे खुश हैं उन्होंने ट्वीट कर भारतीय पुरुष हॉकी टीम (indian men hockey team) को जीत की बधाई दी साथ ही टीम में शामिल मध्यप्रदेश होशंगाबाद ज्जिले के इटारसी के लाल विवेक सागर (vivek sagar) और मध्यप्रदेश हॉकी एकेडमी का हिस्सा रहे मणिपुर के खिलाड़ी नीलकांता शर्मा (nilkanta sharma) को एक एक करोड़ रुपये की सम्मान निधि देने की घोषणा की।

ये भी पढ़ें – बाढ़ के हालात पर सीएम शिवराज ने प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति से की बात, आज शाम कैबिनेट की अहम बैठक

मध्यप्रदेश की खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने भी कांस्य पदक विजेता भारतीय पुरुष हॉकी टीम को बहुत बहुत बधाई  दी है।

ये भी पढ़ें – बाढ़ प्रभावितों के बीच पहुंचे प्रभारी मंत्री, अधिकारियों को निर्देश, एक भी चेहरे पर चिंता की लकीरें नहीं दिखें

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews