बीकानेरी भुजिया से मिली पॉपुलैरिटी, आज बन चुके हैं करोड़ों के मालिक, पढ़ें शिवरतन अग्रवाल की Success Story

बीकानेरी भुजिया से मिली पॉपुलैरिटी, आज बन चुके हैं करोड़ों के मालिक, पढ़ें शिवरतन अग्रवाल की Success Story

Shivratan Agarwal’s Success Story : भारत में ऐसी बहुत सी फूड इंडस्टरीज है जोकि कई बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी को टक्कर दे रही है। जिनमें से एक बीकानेर भुजिया भी काफी ज्यादा मशहूर है। बता दें कि इस कंपनी को सबसे ज्यादा पापुलैरिटी बीकानेर भुजिया से मिली। जिसे बेसन से तैयार किया जाता है। तो चलिए आज के आर्टिकल में हम आपको बीकानेर के फाउंडर और डायरेक्टर शिवरतन अग्रवाल की सक्सेस स्टोरी बताएंगे।

विदेशों में भी बनाई पहचान

बता दें कि शिवरतन अग्रवाल स्वर्गीय गंगाभीषण हल्दीराम भुजिया वाले के पोते हैं। उन्होंने अपनी इस कंपनी को उस मुकाम तक पहुंचाया है, जहां बड़ी-बड़ी कंपनियों को पहुंचने में बहुत अधिक वक्त लगता है। उनका संघर्ष, साहस और दृढ़ इच्छाशक्ति उन्हें अपने उद्देश्यों की प्राप्ति में सफलता दिलाई। इस बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने नई उत्पादन की तकनीक को अपनाया। उन्होंने अपने दादा जी से भुजिया बनाना सीखा था। उनका योगदान भारतीय खाद्य उद्योग को न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी पहचान बनाई।

किया संघर्ष

साल 1993 में भुजिया को बीकाजी ब्रांड का नाम दिया गया था। दरअसल, इस कंपनी का नाम बीकानेर शहर के संस्थापक राव बीकाजी के नाम पर रखा गया था। बता दें कि इसके पीछे एक कहानी है, जिसे शिवरतन ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया था कि बीकाजी अपने पिता की दूसरी संतान थे। जिस कारण उन्हें विरासत में कुछ भी नहीं मिला था, जिससे निराश होकर उन्होंने अपने लिए एक अलग जगह बसाई। ठीक वैसा ही मेरे साथ भी हुआ, क्योंकि मैं पहले से ही बिजनेसमैन के घर पर पैदा हुआ था और दादाजी का ब्रांड पहले से ही दुनिया भर में मशहूर था। जिसका नाम हल्दीराम था और इस ब्रांड को साल 1941 में शुरू हुआ था। ऐसे में मुझे अपने ब्रांड को देश ही नहीं, बल्कि विदेश में पहुंचने के लिए काफी अधिक मेहनत कड़ी करनी पड़ी थी। हालांकि, अपनी कंपनी यानी कि बीकानेरी भुजिया को दुनिया तक पहुंचाने के लिए शिवरतन अग्रवाल ने लम्बा संघर्ष किया, लेकिन उत्पादन के मामले में उनकी सोच काफी अलग थी। उन्होंने भुजिया को बनाने के लिए मशीनों का प्रयोग करना शुरू किया।

शिवरतन की नेट वर्थ

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शिवरतन वर्तमान में करीब 8,054.8 करोड रुपए से अधिक की कंपनी के मालिक बन चुके हैं। साथ ही उनकी कंपनी में 2,500 से अधिक लोगों को रोजगार दिया जाता है। जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं जुड़ी हुई है। फिलहाल, इस कारोबार को शिवरतन के बेटे दीपक आगे बढ़ा रहे हैं। बता दें कि पूरे देश में इस कंपनी के 30 एक्सक्लूसिव स्टोर है, जिनमें 3 फैक्ट्री डिपो है, जबकि 550 से ज्यादा डिस्ट्रीब्यूटर्स इस कंपनी से जुड़े हुए हैं। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि बीकानेरी भुजिया देश के कोने-कोने में अपना स्वाद तो बिखर ही रही है, इसके अलावा 32 देश में भी अपने प्रोडक्ट को सप्लाई कर रही है। इस कंपनी की डिमांड दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। वहीं, इंडस्ट्रियल एक्सीलेंस अवॉर्ड, भारत उद्योग अवॉर्ड, भारत जैन महामंडल अवॉर्ड और राष्ट्रपति अवॉर्ड कंपनी को अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है।

Sanjucta Pandit
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सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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