Business Idea: कम निवेश में शुरू करें ये बिजनेस, हमेशा रहती है इन प्रॉडक्ट्स की डिमांड, होगी मोटी कमाई

Business Idea: कम निवेश में शुरू करें ये बिजनेस, हमेशा रहती है इन प्रॉडक्ट्स की डिमांड, होगी मोटी कमाई

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। कुछ लोग सरकारी नौकरी की चाह रखते हैं तो कुछ लोग अपना खुद का कारोबार शुरू करना चाहते हैं। लेकिन सही तरीका और बिजनेस का ज्ञान (Business Idea) ना होने के करण अक्सर ये सपना अधूरा ही रह जाता है। बिजनेस शुरू करने से पहले यह चिंता सताती है किस व्यापार कितना मुनाफा होगा। हम आपको ऐसे बिजनेस के बारे में बताने जा रहा है जिसमें लागत कम लगती है और कमाई मोटी होती है। आप गाँव में हैं या शहर में इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।

यह भी पढ़े… Sarkari Naukari: नगर निगम में निकली 127 पदों पर भर्ती, 10वीं पास कर सकते हैं आवेदन, यहाँ जानें डिटेल्स

यहाँ बात नमकीन के बिजनेस की हो रही है। नमकीन उन प्रोडक्टस में से एक है, जिनकी डिमांड हमेशा होती है। अब उदाहरण के लिए आप कोरोना लॉकडाउन ले लीजिए। लॉकडाउन में भी नमकीन की डिमांड नहीं घटी। इस बिजनेस में कम निवेश पर बंपर मुनाफा होता है। शायद कोई ऐसा घर हो या कुछ ऐसे लोग हो जिनकी शुरुआत भारत में चाय के साथ बिना बिस्कुट और नमकीन के होती हो। भारत में नमकीन और बिस्कुट मिडिल क्लास परिवार की जीवनशैली का एक एहम हिस्सा है।

यह भी पढ़े… KTM के इन Bikes का नया लुक युवाओं को आया पसंद! भारत में उपलब्ध हुए नए मॉडल, जानें डिटेल्स

आपको नमकीन बनाने के लिए फ्रायर मशीन, सेव मेकिंग मशीन, मिक्सिंग मशीन, वेटिंग मशीन और पैकेजिंग मशीन की जरूरत पड़ेगी। वहीं इस बिजनेस को सेटअप करने के लिए आपको 300 वर्ग से 500 वर्ग फुट जगह की जरूरत होगी। फैक्ट्री सेट करने के लिए आपको सरकार से अनुमति लेनी होगी। इस लिस्ट में एमएसएमई रजिस्ट्रेशन, मसलन फूड लाइसेन्स और जीएसटी रजिस्ट्रेशन शामिल है। साथ ही आपको 5-8 किलोवाट का बिजली कनेक्शन भी लेना होगा। नमकीन बनाने के लिए आपंकों बेशन, तेल, नमक, मूंगफली के दाने, मूंग की दाल, मैड, मसाला और अन्य कई कच्चे माल की पड़ेगी। इस बिजनेस को शुरू करने में आपको कम से कम 2-6 लाख रुपये की जरूरत पड़ेगी। वहीं इस बिजनेस से आपको 20-30 फीसदी का मुनाफा होगा।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews