
17 फरवरी से नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के नए टोल टैक्स और फास्टैग नियम लागू हो जाएंगे। इन नियमों का उद्देश्य टोल टैक्स वसूली को और आसान बनाना और टोल बूथ पर ट्रैफिक की आवाजाही को बेहतर बनाना है। ऐसे में आपको यह जानना आवश्यक है कि NPCI द्वारा जारी किए जा रहे ये नए नियम क्या हैं, ताकि आप पेनल्टी से बच सकें।
इस खबर में हम आपको कल यानी 17 फरवरी से लागू होने वाले फास्टैग के नए नियम के बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। यदि इन नियमों की अनदेखी की जाती है, तो आपको भारी जुर्माना चुकाना पड़ सकता है।
वाहन मालिक के लिए महत्वपूर्ण बातें
दरअसल, NPCI की ओर से 28 जनवरी 2025 को एक सर्कुलर जारी किया गया था, जिसमें नए नियमों के बारे में जानकारी दी गई थी। इन नियमों के मुताबिक, अब यदि फास्टैग रेड होने से 1 घंटे पहले या रेड होने के 10 मिनट बाद तक फास्टैग ब्लैकलिस्ट रहता है, तो ऐसी स्थिति में पेमेंट नहीं हो सकेगा। यदि आपके फास्टैग खाते में कम बैलेंस है या अन्य कारणों से ब्लॉक हो गया है, तो भी पेमेंट नहीं किया जा सकेगा। लेकिन यदि इन नियमों की अनदेखी की जाती है, तो वाहन मालिक पर बड़ा जुर्माना लगाया जाएगा और जुर्माने के रूप में दोगुना टोल शुल्क वसूला जाएगा।
जानिए क्या है नए नियम?
NPCI द्वारा जारी किए गए नियमों के मुताबिक, अब अपने फास्टैग स्टेटस में सुधार करने के लिए यूजर्स को 70 मिनट तक विंडो ओपन मिलेगी। यानी, कम बैलेंस या तकनीकी कारणों से ब्लैकलिस्ट हो जाने पर आप अपने अकाउंट को 70 मिनट के अंदर रिचार्ज कर सकेंगे। यदि अकाउंट में बैलेंस नहीं है या बैलेंस नेगेटिव हो गया है, तो टोल प्लाजा से आपकी गाड़ी क्रॉस हो जाएगी। क्रॉस करने के बाद फास्टैग के सिक्योरिटी डिपॉजिट से टोल चार्ज काट लिया जाएगा। वहीं, जब आप अगली बार फास्टैग अकाउंट को रिचार्ज करेंगे, तो यह राशि डिपॉजिट अमाउंट से समायोजित कर ली जाएगी।
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