33 बार हो चुके हैं फेल, अंत में UPSC किया क्लियर, पढ़ें IPS आदित्य कुमार की Success Story

आदित्य कुमार ने हार नहीं मानी और अपने चौथे प्रयास में 2017 में उन्होंने यूपीएससी परीक्षा क्रैक कर ली। साल 2018 के यूपीएससी सीएसई रिजल्ट में आदित्य ने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 630वीं रैंक हासिल की।
33 बार हो चुके हैं  फेल, अंत में UPSC किया क्लियर, पढ़ें IPS आदित्य कुमार की Success Story

IPS Aditya Kumar Success Story : दृढ़ संकल्प और मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। ऐसे में आज हम आपको आदित्य कुमार के बारे में बताएंगे, जिनका जन्म एक साधारण परिवार में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा हिंदी मीडियम स्कूल से की। कक्षा 12वीं पास करने के बाद ही उन्होंने सिविल सेवा में आने का मन बना लिया था। हालांकि, यह सफर आसान नहीं था। बता दें कि उन्होंने लगभग 33 परीक्षाएं दीं और सभी में असफल रहे, लेकिन आदित्य ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी असफलताओं से सीख ली और अपनी तैयारी को और भी मजबूत किया। उन्होंने हर असफलता को एक सीखने का अवसर माना और अपनी कमियों को सुधारने का प्रयास किया। अपनी मेहनत, लगन और धैर्य के बल पर उन्होंने अंत में यूपीएससी की परीक्षा पास की और IPS अधिकारी बने।

राजस्थान का मामला

आदित्य कुमार की यह कहानी राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के अजीतपुरा गांव से शुरू होती है। जिनका जन्म एक साधारण परिवार में हुआ था, जहां उनके माता-पिता दोनों शिक्षक थे। बचपन से ही आदित्य ने अपने माता-पिता के परिश्रम और समर्पण को देखा, जिससे उन्हें जीवन में कुछ बड़ा करने की प्रेरणा मिली। आदित्य कुमार की प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही स्कूल में हिंदी माध्यम से हुई। कक्षा 12वीं के बाद ही उन्होंने सरकारी नौकरी का सपना देखना शुरू कर दिया था, लेकिन यह सफर आसान नहीं था। आदित्य ने 33 बार विभिन्न परीक्षाओं में असफलता का सामना किया, परंतु उन्होंने कभी हार नहीं मानी।

33 बार हुए असफल

33 बार असफल होने के बाद भी आदित्य ने हार नहीं मानी। जिनमें अखिल भारतीय इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा, केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) और बैंकिंग परीक्षाएँ शामिल थीं। उन्हें लोगों के ताने और आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने इन सब की परवाह नहीं की और अपने सपनों को पूरा करने के लिए दृढ़ रहे। 2013 में, आदित्य कुमार यूपीएससी की तैयारी करने के लिए दिल्ली आए। यहाँ उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की।

2014: आदित्य ने अपना पहला यूपीएससी अटेम्प्ट दिया, लेकिन वे प्रीलिम्स भी पास नहीं कर पाए।

2015: इस साल उन्होंने प्रीलिम्स और मेन्स पास किया, लेकिन इंटरव्यू राउंड में ओवर कॉन्फिडेंस के कारण असफल हो गए।

2016: एक और असफलता का सामना करना पड़ा।

नहीं चाहिए घबराना

आदित्य कुमार ने हार नहीं मानी और अपने चौथे प्रयास में 2017 में उन्होंने यूपीएससी परीक्षा क्रैक कर ली। साल 2018 के यूपीएससी सीएसई रिजल्ट में आदित्य ने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 630वीं रैंक हासिल की। इससे युवाओं सिखना चाहिए कि जीवन में असफलताओं से घबराना नहीं चाहिए। हर असफलता एक कदम आगे बढ़ने का मौका देती है। इसके लिए भाषा या माध्यम कोई बाधा नहीं है, अगर आप में सच्ची लगन और मेहनत करने का जुनून है।

Sanjucta Pandit
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सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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