ITR Filing : टैक्सपेयर्स के लिए अच्छी खबर, आईटीआर से जुड़ी गलतियों को सुधारना होगा आसान, नई सुविधा शुरू, ऐसे उठायें लाभ

itr filing

ITR Filing: आयकर विभाग ने इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) से जुड़े बेमेल मामलों (Mismatches) को कम करने के लिए नई सुविधा शुरू की है। जिसके जरिए टैक्सपेयर्स आसानी से अपनी गलतियों को चेक कर पाएंगे और उसमें सुधार कर पाएंगे। ई-फाइलिंग वेबसाइट कर कप्लायंस पोर्टल पर ऑन-स्क्रीन फ़ंक्शन की शुरुआत की गई है। इस फीचर का उद्देश्य ब्याज और डिविडेंड को लेकर थर्ड पार्टी की सूचना और इनकम टैक्स रिटर्न के बीच असंतुलन को दूर करना है।

ऑन-स्क्रीन फीचर के फायदे

ई-फाइलिंग वेबसाइट “http://eportal.incometax.gov.in पर उपलब्ध इस ऑन-स्क्रीन सुविधा का इस्तेमाल करके टैक्सपेयर्स आसानी से अपना फीडबैक शेयर कर सकते हैं। इस फीचर्स के तहत बेमेल डिटेल्स को समाधान करने की अनुमति भी प्रदान की जाएगी। खास बात यह है कि इसके लिए किसी भी अतिरिक्त दस्तावेज को प्रस्तुत करने की जरूरत नहीं पड़ेगा। इस संबंध में विभाग ने कहा, “जो पात्र करदाता बेमेल की व्याख्या करने में असमर्थ हैं, वे आयकर रिटर्न प्रस्तुत करने के विकल्प पर विचार कर सकते हैं। ताकि इनकम की किसी भी कम रिपोर्टिंग में सुधार किया जा सके है।” प्रेस विज्ञप्ति में विभाग ने यह भी बताया कि कई टैक्सपेयर्स ने अब तक आईटीआर फाइल नहीं किया है।

ऐसे उठायें सुविधा का लाभ

e-Filing पर रजिस्टर्ड करदाता ऑन-स्क्रीन फ़ंक्शन के लिए लॉग इन कर सकते हैं। e-Verification टैब में जाकर गड़बड़ी को चेक कर सकते हैं। वहीं नए यूजर्स को पहले रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके लिए सबसे पहले “Register” बटन पर क्लिक करें। सारी जानकारी दर्ज करें। इसके बाद ही यूजर्स ई-फाइलिंग अकाउंट में Log In पर पाएंगे और गड़बड़ियों को देखकर सुधार सकते हैं।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews