भारतीय शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 79,450 पर पहुंचा, निफ्टी में 100 अंक चढ़ा, जानिए ताजा अपडेट

भारतीय शेयर बाजार ने 5 मार्च को गिरावट के बाद मजबूत वापसी दिखाई और शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 300 अंक चढ़कर 79,450 के पास पहुंचा। निफ्टी में भी करीब 100 अंकों की बढ़त रही और ऑटो व एनर्जी शेयरों में खरीदारी प्रमुख रही। इसी बीच कच्चे तेल, सोना और चांदी की तेज चाल ने घरेलू महंगाई और ईंधन कीमतों पर नई चर्चा शुरू कर दी है।
आज भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी, सेंसेक्स में 500 अंक की बढ़त, निफ्टी में भी हरा निशान, पढ़ें यह खबर

मंगलवार की भारी गिरावट के बाद बुधवार, 5 मार्च को घरेलू बाजार में रुख बदला हुआ दिखा। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 300 अंक चढ़कर 79,450 के स्तर पर ट्रेड करता दिखा, जबकि निफ्टी लगभग 100 अंक बढ़कर 24,600 के आसपास पहुंच गया। सेक्टरल मूवमेंट में ऑटो और एनर्जी शेयर आगे रहे, जिससे संकेत मिला कि निवेशक चुनिंदा थीम में फिर से पोजिशन बना रहे हैं।

बाजार की इस तेजी को सिर्फ इक्विटी संकेतों से नहीं, बल्कि कमोडिटी और ग्लोबल मार्केट के साथ जोड़कर देखा जा रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में हालिया उछाल ने ऊर्जा कंपनियों और लागत आधारित सेक्टरों के लिए अलग-अलग असर की स्थिति बना दी है। यही वजह है कि निवेशक एक साथ अवसर और जोखिम, दोनों को तौलते नजर आए।

कच्चे तेल में 4 दिन में 15% उछाल, भारत के लिए संकेत अहम

ब्रेंट क्रूड में बुधवार को करीब 1% की बढ़त दर्ज हुई और भाव 83 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गया। पिछले चार कारोबारी दिनों में इसकी कीमत करीब 15% ऊपर जा चुकी है। यह तेजी ऐसे समय आई है जब वैश्विक स्तर पर सप्लाई और भू-राजनीतिक तनाव को लेकर चिंता बनी हुई है।

बाजार विशेषज्ञों का आकलन है कि अगर तनाव और बढ़ता है तो तेल 120 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकता है। इसका सीधा असर भारत जैसे आयात-निर्भर देश में ईंधन कीमतों पर पड़ सकता है। दिल्ली के संदर्भ में अनुमान दिया जा रहा है कि पेट्रोल 95 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 100 रुपये तक जा सकता है, जबकि डीजल 88 रुपये से 92 रुपये प्रति लीटर तक पहुंचने की संभावना बन सकती है। अन्य शहरों में भी इसी तरह दबाव दिख सकता है।

MCX में सोना-चांदी की तेज चाल

कमोडिटी सेगमेंट में भी बड़ा मूव देखा गया। वायदा बाजार MCX पर सोना 1,000 रुपये चढ़कर 1.63 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता दिखा। चांदी में इससे भी अधिक तेजी रही और यह 5,000 रुपये बढ़कर 2.71 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई।

सोना और चांदी में एक साथ तेज उछाल आम तौर पर जोखिम प्रबंधन, सुरक्षित निवेश की मांग और वैश्विक अनिश्चितता के मिश्रित संकेत देता है। हालांकि दिनभर की चाल में उतार-चढ़ाव संभव रहता है, लेकिन शुरुआती संकेतों ने मेटल ट्रेडर्स और निवेशकों का ध्यान खींचा।

एशियाई बाजारों में चौतरफा मजबूती

एशिया के प्रमुख बाजार भी बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 519 अंक या 10.20% ऊपर 5,612 पर रहा। जापान का निक्केई 1,350 अंक या 2.50% चढ़कर 55,596 पर पहुंचा।

हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 416 अंक या 1.65% बढ़कर 25,666 पर कारोबार कर रहा था। चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 27 अंक या 0.65% ऊपर 4,109 पर रहा। एशियाई संकेतों की यह मजबूती घरेलू बाजार के शुरुआती सेंटिमेंट के लिए सहायक रही।

अमेरिका से सकारात्मक क्लोजिंग, फिर भी घरेलू सतर्कता कायम

अमेरिकी बाजार 4 मार्च को बढ़त के साथ बंद हुए थे। डाउ जोंस 238 अंक यानी 0.49% चढ़कर 48,739 पर बंद हुआ। टेक-फोकस्ड नैस्डैक कंपोजिट 1.29% ऊपर 22,807 पर रहा और S&P 500 इंडेक्स 52 अंक यानी 0.78% की बढ़त के साथ 6,869 पर बंद हुआ।

इन संकेतों से ग्लोबल रिस्क-ऑन मूड को समर्थन मिला, लेकिन भारतीय निवेशकों के लिए तस्वीर एक-तरफा नहीं है। एक तरफ इक्विटी में रिकवरी दिख रही है, दूसरी तरफ तेल और कीमती धातुओं की तेजी महंगाई तथा लागत दबाव की आशंका को जिंदा रखे हुए है।

याद रहे, इससे ठीक एक दिन पहले यानी 4 मार्च को घरेलू बाजार में तेज गिरावट रही थी। सेंसेक्स 1,123 अंक या 1.40% टूटकर 79,116 पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 385 अंक या 1.55% गिरकर 24,480 पर आ गया था। ऐसे में 5 मार्च की बढ़त को निवेशक फिलहाल रिकवरी के रूप में देख रहे हैं, लेकिन आगे की दिशा पर कच्चे तेल, वैश्विक तनाव और सेक्टर-विशिष्ट खरीदारी की भूमिका निर्णायक रहने वाली है।

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4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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