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भारतीय शेयर बाजार में 8 जुलाई की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। दरअसल शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा टूटकर 77,600 के आसपास पहुंच गया है। वहीं निफ्टी भी करीब 150 अंक फिसलकर 24,250 के स्तर पर कारोबार करता दिखा है। वहीं बाजार खुलते ही कई बड़े शेयरों में बिकवाली बढ़ी, जिसका असर प्रमुख इंडेक्स पर साफ दिखाई दिया है। खास तौर पर एनर्जी, IT, ऑटो और बैंकिंग सेक्टर के शेयर दबाव में रहे है। निवेशकों की नजर अब दिनभर के कारोबार और वैश्विक संकेतों पर बनी हुई है।
दरअसल घरेलू बाजार में कमजोरी के बीच अलग-अलग सेक्टरों में मिलाजुला प्रदर्शन देखने को मिला है। शुरुआती कारोबार में कई दिग्गज कंपनियों के शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। दूसरी ओर कुछ चुनिंदा शेयरों में सीमित खरीदारी भी देखने को मिली है, लेकिन उससे बाजार की कुल दिशा में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है।
एशियाई बाजार में मिला जुला कारोबार
वहीं भारतीय बाजार पर विदेशी बाजारों के संकेतों का भी असर दिखाई दिया है। दरअसल एशियाई बाजारों में कारोबार मिला-जुला रहा है। जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे है, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त में रहा। अलग-अलग बाजारों में अलग रुख रहने से निवेशकों के बीच सतर्कता बनी रही। वहीं अमेरिकी शेयर बाजार में पिछले कारोबारी सत्र के दौरान कमजोरी दर्ज की गई थी। डाउ जोन्स, नैस्डैक और एसएंडपी 500 तीनों प्रमुख इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए।
बीते दिन बाजार में दिखाई दी थी गिरावट
वहीं विदेशी निवेशकों (FII/FPI) ने पिछले कारोबारी दिन शुद्ध रूप से करीब 393 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की ओर से लगभग 384 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली दर्ज की गई। पिछले सात और तीस दिन के आंकड़ों में घरेलू निवेशकों की कुल खरीदारी विदेशी निवेशकों की तुलना में मजबूत बनी हुई है, जबकि विदेशी निवेशकों की लंबी अवधि की स्थिति अभी भी शुद्ध बिकवाली की ओर इशारा करती है। वहीं इससे पहले 7 जुलाई को भी भारतीय शेयर बाजार कमजोरी के साथ बंद हुआ था। उस दिन सेंसेक्स 104 अंक टूटकर 78,181 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 32 अंक की गिरावट के साथ 24,399 के स्तर पर बंद हुआ था।
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