कब तक फाइल कर सकते हैं ITR? नोट कर लें जरूरी तारीख, देरी पर लगेगा जुर्माना

आयकर विभाग ने आईटीआर फ़ाइलिंग के लिए डेडलाइन आगे बढ़ाई है। जिन्हें ऑडिट की जरूरत नहीं है, वे 31 अक्टूबर 2025 तक रिटर्न फाइल कर सकते हैं। जरूरी तारीखों की घोषणा भी हो चुकी है। 
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आयकर विभाग ने इनकम टैक्स रिटर्न फ़ाइल (ITR Filing 2025) करने की अंतिम तारीख आगे बढ़ाई है। वित्तीय वर्ष 2025 के लिए टैक्सपेयर्स 15 सितंबर 2025 तक आईटीआर फाइल कर सकते हैं। इससे पहले डेडलाइन 31 जुलाई 2025 निर्धारित की गई है। करदाता आयकर विभाग के ई-फ़ाइलिंग पोर्टल पर जाकर यह काम निपटा सकते हैं। सही समय पर रिटर्न फाइल न करने पर वित्तीय नुकसान हो सकता है।

वहीं डेडलाइन से पहले आईटीआर भरने के कई फायदे हैं।  इससे रिफंड  प्रोसेसिंग तेज होती है। वेरिफिकेशन जल्द होता है। लोन और विजा अप्रूवल  प्रक्रिया भी सरल होती है। इसके अलावा किसी प्रकार की पेनल्टी का भुगतान भी नहीं करना पड़ता। 

यदि कोई व्यक्ति निश्चित समय के भीतर आईटीआर फाइल करने में विफल होता है, तो उसे 5,000 रुपये तक की पेनल्टी भरनी पड़ सकती है। ऐसे करदाता जिनकी एनुअल इनकम 5 लाख रुपये से कम है, उन्हें 1,000 रुपये की की पेनल्टी भरनी पड़ती है। इसके अलावा सेक्शन 234ए के तहत अनपेड टैक्स के लिए एडिशनल इंट्रेस्ट भी भरना पड़ता है।

क्या है आईटीआर फ़ाइल करने की तारीख?

15 सितंबर 2025 तक ऐसे एचयूएफ, इंडिविजुअल AOP और BOI के आईटीआर कर सकते हैं, जिन्हें ऑडिट की जरूरत नहीं है। ऐसे करदाता की जिनके लिए ऑडिट अनिवार्य है, वह 31 अक्टूबर 2025 तक इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर सकते हैं। ट्रांसफर प्राइसिंग रिपोर्ट से संबंधित मामलों में आईटीआर फाइल करने की अंतिम तारीख आयकर विभाग ने 30 नवंबर 2025 निर्धारित की है।

इसके बावजूद यदि कोई व्यक्ति रिटर्न फाइल नहीं करता है तो उसे 31 दिसंबर 2025 तक पेनल्टी के साथ बिलेटेड या संशोधित आईटीआर भरने का मौका दिया जाएगा। फाइनेंस एक्ट के तहत रिटर्न को अपडेट करने की डेडलाइन 31 मार्च 2030 निर्धारित की गई है।

इन दस्तावेजों की पड़ेगी जरूरत 

आईटीआई फाइल करने के लिए पैन कार्डं, आधार कार्ड, बैंक अकाउंट डिटेल, फॉर्म 26एस, AIS और TIS की जरूरत पड़ती है। इसके अलावा वेतनभोगी को फॉर्म 16, सैलरी स्लिप, एचआरए, एलटीए क्लेम प्रूफ, इन्वेस्टमेंट प्रूफ, होम लोन स्टेटमेंट जैसे दस्तावेज की जरूरत पड़ती है।  प्रोफेशनल और बिजनेस इनकम टैक्सपेयर्स को बैलेंस शीट, पी एंड एल अकाउंट डिटेल, जीएसटी रिटर्न, टीडीएस सर्टिफिकेट, बैंक स्टेटमेंट, फिक्स्ड ऐसेट डीटेल्स जैसे दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है। इसके अलावा इंटरेस्ट सर्टिफिकेट, रेंटल इनकम डॉक्यूमेंट। कैपिटल गैन स्टेटमेंट, डिवाइडेंड स्टेटमेंट, एजुकेशन लोन इंटरेस्ट सर्टिफिकेट, मेडिकल इंश्योरेंस प्रीमियम रिसिप्ट, डोनेशन रिसिप्ट इत्यादि दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है।

Manisha Kumari Pandey
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