Monetary Penalty: एक्शन मोड में RBI, इन 5 बैंकों को नियमों का उल्लंघन करना पड़ा महंगा, लगा भारी जुर्माना, पढ़ें पूरी खबर

RBI Action

RBI Imposed Monetary Penalty: भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank Of India) ने पांच सहकारी बैंकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। नियमों का उल्लंघन करने पर कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के पांच को-ऑपरेटिव बैंकों पर भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया है। सभी बैंकों के खिलाफ बैंकिंग विनियमन अधिनियम 1949 की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47 ए (1) सी के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की है। आइए जानें इन बैंकों के नाम क्या हैं और आरबीआई ने इन बैंकों के खिलाफ इतना बड़ा एक्शन क्यों लिया है-

इस बैंक ने किया नाबार्ड के निर्देशों का उल्लंघन

28 फरवरी 2024 को जारी एक आदेश द्वारा केंद्रीय बैंक में चिक्कमगलुरु जिला सहकारी केंद्रीय बैंक लिमिटेड, कर्नाटक पर 50000 रुपये का मौद्रिक जुर्माना लगाया है। यह बैंक NABARD के निर्देशों का अनुपालन करने में विफल रहा। बैंक ने नाबार्ड को धोखाधड़ी की रिपोर्ट करने में देरी की‌।

इस बैंक ने किया लोन से जुड़े नियमों का उल्लंघन

तमिलनाडु के डिंडीगुल में स्थित डिंडीगुल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर आरबीआई ने 25 हजार रुपये का जुर्माना ठोका है। बैंक पर नाममात्र सदस्यों को निर्धारित सीमा से अधिक लोन की मंजूरी देने का आरोप है जांच के बाद बैंक पर मॉनेटरी पेनल्टी लगाने का निर्णय लिया गया।

इस बैंक पर लगा 58 लाख से अधिक का जुर्माना

द लक्ष्मी को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, नासिक पर 12 मार्च 2024 के आदेश द्वारा 59.90 लख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इस बैंक ने आरबीआई द्वारा निर्धारित की गई विस्तारित समय सीमा के भीतर प्रबंधन बोर्ड का गठन नहीं किया। साथ ही नाममात्र सदस्यों को निर्धारित सीमा से अधिक लोन स्वीकृत किए। समान अवधि के लिए एसबीआई द्वारा दी जाने वाली ब्याज दरों से अधिक ब्याज दरों पर टर्म डिपॉजिट रिन्यू या ओपन किया।

इन बैंक पर लगा 28 लाख से लाख का जुर्माना

13 मार्च 2024 के आदेश द्वारा द्वारा आरबीआई ने सोलापुर जनता सहकारी बैंक लिमिटेड, सोलापुर पर 28.30 लाख रुपये का जुर्माना ठोका है। बैंक ने प्रबंधन बोर्ड में ऐसे सदस्य को नियुक्त किया था जो फिट और उचित मानदंडों को पूरा नहीं करता था। बैंक ने आरबीआई द्वारा जारी विशिष्ट निर्देशों के बावजूद ने बीओएम का पुनर्गठन नहीं किया। एसएएफ के तहत जारी निदेशात्मक आदेश का उल्लंघन किया और वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान 100% से अधिक जोखिम भार वाले ऋण स्वीकृत किए ।

इस बैंक पर लगा 1 लाख का जुर्माना

मथुरा जिला सहकारी बैंक लिमिटेड, उत्तर प्रदेश पर आरबीआई 13 फरवरी 2024 के आदेश द्वारा 1 लाख रुपये का जुर्माना ठोका है। बैंक पर बीआर अधिनियम के तहत निर्धारित अधिकतम अवधि के भीतर एक अचल संपत्ति का निपटान न करने का आरोप है, जिसे बरकरार रखते हुए आरबीआई ने बैंक पर पेनल्टी ठोकी है।

Manisha Kumari Pandey
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