‘एलिट सेंटी बिलेनियर क्लब’ से बाहर मुकेश अंबानी और गौतम अडानी, दुनिया के 10 सबसे अमीर व्यक्तियों की सूची में कोई भारतीय नहीं

मुकेश अंबानी और गौतम अडानी अब 'एलिट सेंटी बिलेनियर क्लब' से बाहर हो चुके हैं। दुनिया के 10 सबसे अमीर व्यक्तियों की सूची में अब दोनों भारतियों का नाम नहीं है। मुकेश अंबानी अब दुनिया के सबसे अमीरों की लिस्ट में 17वे स्थान पर है, जबकि गौतम अडानी अब 19वे स्थान पर मौजूद है।
'एलिट सेंटी बिलेनियर क्लब' से बाहर मुकेश अंबानी और गौतम अडानी, दुनिया के 10 सबसे अमीर व्यक्तियों की सूची में कोई भारतीय नहीं

भारत के सबसे अमीर व्यापारी मुकेश अंबानी और गौतम अडानी अब दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों की लिस्ट में टॉप 10 से बाहर हो चुके हैं। इसके साथ ही दोनों व्यापारी ‘एलिट सेंटी बिलेनियर क्लब’ से भी बाहर हो चुके हैं। यह क्लब 100 बिलियन डॉलर से ज्यादा की नेटवर्क वाले व्यक्तियों का है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट की माने तो रिटेल और एनर्जी डिवीजन का परफॉर्मेंस खराब होने के चलते मुकेश अंबानी की संपत्ति कम देखने को मिली है।

वहीं जिन भारतीय व्यापारियों की संपत्ति में इजाफा हुआ है, उनमें सावित्री जिंदल और आईटी टायकून शिव नादर मौजूद हैं। शिव नादर ने 10.8 बिलियन डॉलर और सावित्री जिंदल ने 10.01 बिलियन डॉलर की संपत्ति बढ़ोतरी की है।

मुकेश अंबानी की नेटवर्थ में आई इतनी गिरावट

भारत के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी की नेटवर्थ पर नजर डाली जाए तो मुकेश अंबानी की नेटवर्क 120.8 बिलियन डॉलर से घटकर 96.5 बिलियन डॉलर हो चुकी है। दरअसल ब्लूमबर्ग बिलियनेयर इंडेक्स के मुताबिक अनंत अंबानी की शादी के समय मुकेश अंबानी की नेटवर्क 120.8 बिलियन डॉलर थी। जबकि 13 दिसंबर को आंकी गई इस नेटवर्थ में गिरावट आई और यह 96.7 बिलियन डॉलर हो गई। मुकेश अंबानी अब दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों की लिस्ट में 10वे नंबर से बाहर हो चुके हैं। मुकेश अंबानी अब इस सूची में 17वे स्थान पर मौजूद है।

गौतम अडानी की संपत्ति में भी बड़ी गिरावट

वहीं गौतम अडानी की नेटवर्थ पर नजर डाली जाए तो गौतम अडानी की कुल नेटवर्थ 82.1 बिलियन डालर रह गई है। बता दें कि जून में गौतम अडानी की कुल नेटवर्क 122.3 बिलियन डॉलर थी। जबकि इसमें बड़ी गिरावट देखने को मिली है, जिसके चलते अब यह 82.1 बिलियन डॉलर पर आ गई है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट की माने तो अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा नवंबर में गौतम अडानी पर बड़ा आरोप लगाया गया था। गौतम अडानी पर आरोप था कि उन्होंने सोलर एनर्जी का प्रोजेक्ट पाने के लिए धोखाधड़ी और रिश्वतखोरी की है, जिसके चलते उनकी संपत्ति में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। इससे पहले ही हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट और धोखाधड़ी के आरोप के कारण भी गौतम अडानी को अपनी संपत्ति में बड़ा नुकसान झेलना पड़ा था।

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मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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