Postpones IPO : विश्व की सबसे बड़ी एल्युमीनियम रिसाइक्लिंग कंपनी ने स्थगित किया अपना आईपीओ लाने का विचार, जानें इसके पीछे की क्या है वजह?

Postpones IPO : एल्युमीनियम उत्पाद निर्माता कंपनी नोवेलिस जो की अपना आईपीओ लाने का विचार कर रही थी। अब मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी ने अपने आईपीओ की योजना फिलहाल स्थगित कर दी है।
Postpones IPO : विश्व की सबसे बड़ी एल्युमीनियम रिसाइक्लिंग कंपनी ने स्थगित किया अपना आईपीओ लाने का विचार, जानें इसके पीछे की क्या है वजह?

Postpones IPO : हिंडाल्को इंडस्ट्रीज के नेतृत्व वाली एल्युमीनियम उत्पाद निर्माता कंपनी नोवेलिस जो की अपना आईपीओ लाने का विचार कर रही थी। अब मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी ने अपने आईपीओ की योजना फिलहाल स्थगित कर दी है। दरअसल कंपनी ने मंगलवार को बाजार की स्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस निर्णय की घोषणा की है। वहीं इस फैसले का असर आज हिंडाल्को इंडस्ट्रीज के शेयरों पर देखने को मिला है। दरअसल कंपनी ने एक बयान में कहा कि नोवेलिस भविष्य में आईपीओ के समय और मूल्यांकन पर नजर रखना जारी रखेगा, हालांकि उसने इस बारे में और अधिक जानकारी नहीं दी है।

इतना फण्ड जुटाना चाहती थी कंपनी:

दरअसल हिंडाल्को की अमेरिकी सहायक कंपनी नोवेलिस ने 18 से 21 डॉलर प्रति शेयर की कीमत पर 45 मिलियन शेयर बेचने की बड़ी योजना बनाई थी, जिससे कंपनी 945 मिलियन डॉलर का फण्ड जुटाना चाहती थी। 2007 में, हिंडाल्को ने नोवेलिस का अधिग्रहण किया था, जो एल्युमीनियम और कॉपर निर्माण में विशेषज्ञता रखती है।

कंपनी ने नहीं दी कोई प्रतिक्रिया:

जानकारी के अनुसार नोवेलिस ने किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से मना कर दिया है, जबकि हिंडाल्को ने आईपीओ पर प्रतिक्रिया देने में देरी की है। यह उल्लेखनीय है कि नोवेलिस विश्व की सबसे बड़ी एल्युमीनियम रिसाइक्लिंग कंपनी है, जिसमें कोका-कोला, फोर्ड, और जगुआर लैंडरोवर जैसी प्रतिष्ठित कंपनियां इसके ग्राहक हैं। पिछले महीने, नोवेलिस ने अपने अमेरिकी आईपीओ में 12.6 बिलियन डॉलर के मूल्यांकन का लक्ष्य निर्धारित किया था।

दरअसल भारतीय उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला के आदित्य बिड़ला समूह के अंतर्गत आने वाली हिंडाल्को इंडस्ट्रीज की अमेरिकी इकाई नोवेलिस के प्रस्तावित आईपीओ के लिए बाजार में काफी उत्सुकता थी। आपको बता दें कि इस आईपीओ के लिए 18 डॉलर से 21 डॉलर प्रति शेयर की मूल्य सीमा निर्धारित की गई थी, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 1500 रुपये से 1750 रुपये प्रति शेयर के बराबर होती।

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Rishabh Namdev

4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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