RBI Action 2024: आरबीआई की सख्त कार्रवाई, इन 5 बैंकों पर लगाया भारी जुर्माना, कहीं इनमें आपका खाता तो नहीं? देखें लिस्ट

RBI Action

RBI Action 2024: नियमों की अनदेखी पर रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (Reserve Bank Of India) अक्सर सख्त कार्रवाई करता है। एक बार आरबीआई ने पांच सहकारी बैंकों के खिलाफ एक्शन लिया है। इस लिस्ट में कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और सूरत के बैंक शामिल हैं। इस बात की जानकारी केंद्रीय बैंक ने 22 फरवरी, गुरुवार को दी है।

आरबीआई में जांच में बैंकों के विनियामक अनुपालन में कमियों को पाया। इसके बाद सभी बैंकों को नोटिस जारी किया गया और उनसे पूछा गया कि उन पर “जुर्माना क्यों न लगाया जाए?” प्रतिक्रिया के बाद ही आरबीआई ने मौद्रिक जुर्माना लगाने का निर्णय लिया।

इंदौर के इस बैंक पर चला आरबीआई का चाबुक

मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में स्थित ट्रांसपोर्ट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इस बैंक ने ऐसे लोन को स्वीकृति दी, जिसमें निदेशक का रिश्तेदार गारंटर के रूप में खड़ा था। इसके अलावा बैंक ने प्रूडेंशियल इंटरबैंक एक्स्पोज़र सीमा का भी उल्लंघन किया।

महाराष्ट्र के दो बैंकों पर लगा जुर्माना

  • महाराष्ट्र के दो बैंकों पर आरबीआई ने जुर्माना लगाया है। नासिक में स्थित जन सेवा को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगा है। बैंक ने लोन से जुड़े नियमों का अनुपालन नहीं किया। ऐसे कर्ज को स्वीकृति दी, जो निदेशक या उनके रिश्तेदार से जुड़ा हुआ था।
  • ठाणे के जीपी पारसिक सहकारी बैंक पर केन्द्रीय बैंक ने काफी भारी जुर्माना लगाया है, पेनल्टी की राशि 26.60 लाख रुपये है। इस बैंक ने बीएसबीडी खाते में एटीएम कार्ड जारी करने के शुल्क और एटीएम कार्ड के वार्षिक रखरखाव शुल्क लगाए। इसके अलावा ग्राहकों के अधिसूचना की तारीख से 10 कार्य दिवस के भीतर ग्राहकों के खातों में अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक लेन देन में शामिल जमा राशि को जमा करने में भी विफल रहा।

कर्नाटक के इस बैंक पर लगा जुर्माना

कर्नाटक के हनमसागर में स्थित को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर आरबीआई ने 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इस बैंक ने निर्धारित समय सीमा के भीतर आरबीआई को फ्रॉड की सूचना नहीं दी।

गुजरात के आदिनाथ सहकारी बैंक पर लगा जुर्माना

गुजरात के सूरत जिले में स्थित आदिनाथ को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर केंद्रीय बैंक का डंडा चला है। इस बैंक पर आरबीआई ने डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना ठोका है। बैंक ने निर्धारित अंतर बैंक सकल एक्स्पोज़र सीमा के साथ-साथ विवेकपूर्ण अंतर बैंक प्रतिपक्ष एक्स्पोज़र सीमा का उल्लंघन किया।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews