नियमों को लेकर RBI सख्त, इन 2 बैंकों पर ठोका भारी जुर्माना, कहीं इनमें आपका खाता तो नहीं?

आरबीआई ने दो बैंकों के खिलाफ सख्ती दिखाई है। नियमों का सही से अनुपालन न करने पर जुर्माना लगाया है। आइए जानें केंद्रीय बैंक ने यह कदम क्यों उठाया और क्या ग्राहकों पर इसका असर पड़ेगा?
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फरवरी में भी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की कार्रवाई जारी है। दो बैंकों पर मौद्रिक जुर्माना लगाया गया है। इस बात की जानकारी आरबीआई ने 2 फरवरी 2026 को प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी है। यह कदम बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949 के अलग-अलग प्रावधानों के तहत उठाया है। इस सूची में उत्तर प्रदेश और राजस्थान के एक-एक बैंक शामिल हैं।

उत्तर प्रदेश में स्थित जिला सहकारी बैंक लिमिटेड कानपुर पर 3 लाख रुपये जुर्माना आरबीआई ने लगाया है। इसने केवाईसी से संबंधित दिशा निर्देशों का उल्लंघन किया है। राजस्थान में स्थित द जयपुर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर भी केवाईसी से संबंधित नियमों का पालन न करने के आरोप में एक लाख रूपये का जुर्माना लगाया गया है।

मार्च में हुआ था निरीक्षण

नाबार्ड ने 31 मार्च 2025 को दोनों बैंकों के वित्तीय स्टेटस को चेक करने के लिए एक निरीक्षण किया था। इस दौरान दिशानिर्देशों के अनुपालन में खामियों का खुलासा हुआ। पर्यवेक्षी निष्कर्षों के आधार पर बैंकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया। बैंकों के रिप्लाई और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान दी गई प्रस्थितियों के आधार पर आरोपों की पुष्टि हुई।

क्या है आरोप?

जिला सहकारी बैंक लिमिटेड और द जयपुर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड दोनों खातों के जोखिम वर्गीकरण की आवधिक समीक्षा के लिए सिस्टम स्थापित करने में विफल रहा, जिसकी अवधिकता कम से कम 6 महीने में एक बार होनी चाहिए थी। आरोपी सही पाने पर आरबीआई ने पेनल्टी लगाने का फैसला लिया। हालांकि इस कार्रवाई का असर बैंकों और ग्राहकों के बीच हो रहे लेनदेन या समझौते पर नहीं पड़ेगा।

इन एनबीएफसी पर भी लगी गाज 

नॉर्दर्न एआरसी कैपिटल लिमिटेड पर आरबीआई ने 2.70 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इससे संबंधित नोटिफिकेशन 30 जनवरी 2026 को जारी किया गया था। इस कंपनी ने भी केवाईसी से संबंधित दिशा निर्देशों का उल्लंघन किया है। बैंक संदिग्ध लेनदेन की पहचान और शिकायतों के लिए एक आईटी सिस्टम या सॉफ्टवेयर स्थापित नहीं कर पाया।

यहाँ देखें आरबीआई का नोटिफिकेशन 

Manisha Kumari Pandey
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