इन 3 बैंकों पर चला RBI का डंडा, लगा भारी जुर्माना, नियम तोड़ने का आरोप, जानें डिटेल 

आरबीआई ने तीन बैंकों के खिलाफ सख्ती दिखाई है। पेनल्टी लगाई गई है। डिपॉजिट, लोन और अन्य बैंकिंग दिशानिर्देशों का सही से अनुपालन न होने पर यह कदम उठाया गया है।  
RBI action

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। तीन बैंकों पर जुर्माना लगाया लगाया गया है। इसकी जानकारी आरबीआई ने 2 जुलाई 2026 को दी है। निर्मल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड नागपुर महाराष्ट्र पर एक लाख रुपये की पेनल्टी लगाई गई है। द एनई एंड ईसी रेलवे एम्पलॉयज मल्टी स्टेट प्राइमरी को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड गोरखपुर पर 1.05 लाख रुपये और धर्मवीर संभाजी अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पुणे पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

इन बैंकों के वित्त स्थिति को चेक करने के लिए आरबीआई ने 31 मार्च 2025 तक एक संवैधानिक निरीक्षण किया था। इस दौरान दिशा निर्देशों के अनुपालन में खामियों का खुलासा हुआ। जिसके बाद नोटिस जारी करते हुए सेंट्रल बैंक ने स्पष्टीकरण मांगा। व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान दी गई मौखिक प्रस्तुतियों के आधार पर आरोप सही साबित हुए। इसके बाद पेनल्टी लगाने का फैसला लिया गया। बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949 के विभिन्न प्रावधानों के तहत उठाया गया।

बैंकों ने किया इन नियमों का उल्लंघन 

  • निर्मल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड में सुपरवाइजरी एक्शन फ्रेमवर्क से संबंधित दिशा निर्देशों का उल्लंघन किया है। कुछ मामलों में नए लोन और एडवांस के लिए सिंगल बोरॉअर एक्स्पोज़र लिमिट को लागू रेगुलेटरी लिमिट के पास 50% तक कम नहीं किया गया। इसके अलावा कुछ डिपॉजिट पर स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा ऑफर की जाने वाली दरों से ज्यादा ब्याज दरें ऑफर की गई।
  • द एनई एंड ईसी रेलवे एम्पलॉयज मल्टी स्टेट प्राइमरी को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड निर्धारित समय सीमा के भीतर अनकमेल्ड अमाउंट को डिपॉजिटर्स एजुकेशन एंड अवेयरनेस फंड में ट्रांसफर करने में विफल रहा। इसके अलावा दो क्रेडिट इन्फॉर्मेशन कंपनियों की मेंबरशिप लेना और अपने बोरॉअर्स की उधारकर्ताओं की क्रेडिट जानकारी सभी चार CIC को नहीं दे पाया।
  • धर्मवीर संभाजी अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड निर्धारित समय सीमा के भीतर ग्राहकों के केवाईसी रिकॉर्ड को सेंट्रल केवाईसी रिकॉर्ड रजिस्ट्री पर अपलोड नहीं किया।

ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?

बैंकों के खिलाफ की गई कार्रवाई का असर ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा। आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि “यह कार्रवाई रेगुलेटरी नियमों के अनुपालन में खामियों पर आधारित है। इसका असर बैंक द्वारा ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या समझौते की वैधता पर असर डालना नहीं है। इसके अलावा बैंक के खिलाफ की गई अन्य किसी कार्रवाई पर भी इसका प्रभाव नहीं पड़ेगा।”

यहाँ देखें आरबीआई का नोटिफिकेशन 

Manisha Kumari Pandey
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