इस सरकारी बैंक ने तोड़े KYC और लोन से जुड़े नियम, RBI ने दिखाई सख्ती, लगाया 63.60 लाख रुपये का जुर्माना 

आरबीआई ने बैंक ऑफ बड़ौदा के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। नियमों का उल्लंघन होने पर जुर्माना लगाया गया है। आइए जानें इस कार्रवाई का ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?
rbi action

बैंकिंग सेक्टर में नियमों के अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने एक बार फिर सख्त कार्रवाई की है। पब्लिक सेक्टर के बैंक ऑफ़ बड़ौदा (BoB) पर 63.60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसकी जानकारी आरबीआई ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट http://www.rbi.org.in पर 3 जुलाई को दी है। यह कदम बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949 के विभिन्न प्रावधानों के तहत उठाया गया है।

बैंक की वित्तीय स्थिति को चेक करने के लिए 31 मार्च 2025 तक एक निरीक्षण किया था। इस दौरान दिशा निर्देशों के अनुपालन में गड़बड़ियों का पता चला।  जांच की रिपोर्ट के आधार पर बैंक को नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया। इस पर मिली प्रतिक्रिया और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान दी गई मौखिक प्रस्तुतियों को ध्यान में रखते हुए जब आरोप साबित हुए पेनल्टी लगाने का फैसला लिया गया।

बैंक ने तोड़े ये नियम 

बीओबी ने आरबीआई द्वारा जारी “फेयर प्रैक्टिस कोड फॉर लेंडर्स” और केवाईसी से संबंधित दिशा निर्देशों का उल्लंघन किया है। बैंक ने कुछ लोन अकाउंट में कॉंट्रैक्ट ब्याज दर से ज्यादा ब्याज वसूला। वहीं ग्राहकों के केवाईसी रिकॉर्ड को निर्धारित समय सीमा के भीतर सेंट्रल केवाईसी रिकॉर्ड रजिस्ट्री पर अपलोड नहीं कर पाया।

इस कंपनी पर भी लगा जुर्माना 

जीआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड पर 3.10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह कदम नेशनल हाउसिंग बैंक एक्ट 1987 की धारा 52A के तहत उठाया गया है। इस कंपनी ने भी केवाईसी से जुड़े नियमों का उल्लंघन किया है। खातों के जोखिम वर्गीकरण की आवधिक समीक्षा के लिए एक सिस्टम स्थापित करने में कंपनी विफल रही, जो हर 6 महीने में कम से कम एक बार होना चाहिए था।

ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?

आरबीआई द्वारा बैंक और कंपनी के खिलाफ की गई कार्रवाई का असर ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा। उन्हें पहले की तरह ही सभी सेवाओं का लाभ मिलता रहेगा।  इस बात की पुष्टि सेंट्रल बैंक ने खुद की है। रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने कहा कि, “यह एक्शन पर विनियामक खामियों पर आधारित है। इसका इसका उद्देश्य ग्राहकों और बैंकों के बीच हो रहे किसी भी लेनदेन एग्रीमेंट पर सवाल उठाना नहीं है।”

यहाँ देखें आरबीआई का नोटिफिकेशन 

Manisha Kumari Pandey
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