इन 5 बैंकों ने तोड़े नियम: RBI ने दिखाई सख्ती, ठोका भारी मौद्रिक जुर्माना 

आरबीआई ने पाँच बैंकों पर जुर्माना लगाया है। नियमों का सही से अनुपालन न करने का आरोप है। निरीक्षण के बाद बैंकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। आइए जानें कहीं इनमें से एक में आपका खाता तो नहीं?
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एक बार फिर रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) का एक्शन सामने आया है। एक साथ पांच बैंकों पर भारी मौद्रिक जुर्माना लगाने का आदेश जारी किया है। इस लिस्ट में तमिलनाडु के चार और कर्नाटक का एक बैंक शामिल है। किसी ने लोन तो किसी ने केवाईसी से संबंधित नियमों का उल्लंघन किया है। इस बात की जानकारी केंद्रीय बैंक में प्रेस विज्ञप्ति के जरिए 27 अक्टूबर सोमवार को दी है।

आरबीआई देशभर के सभी बैंकों और एनबीएफसी को रेगुलेट करने का काम करता है। फाइनेंशियल स्टेटस को चेक करने के लिए अक्सर इंस्पेक्शन करता रहता है। मार्च 2024 में सभी बैंकों का निरीक्षण किया गया था। इस दौरान नियमों के उल्लंघन का खुलासा हुआ। सभी बैंकों को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया। नोटिस पर आई बैंकों की प्रतिक्रिया और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान दी गई प्रस्तुतियों के आधार पर आरोपों की पुष्टि हुई। जिसके बाद पेनल्टी लगाने का फैसला लिया गया।

तमिलनाडु के इन बैंकों पर गिरी गाज 

तमिलनाडु के कोयंबटूर में स्थित द वालपराइ को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह बैंक सेंट्रल केवाईसी रिकॉर्ड रजिस्ट्री पर निर्धारित समय सीमा के भीतर ग्राहकों के केवाईसी रिकॉर्ड को अपडेट अपलोड करने में विफल रहा। द सेवापेठ अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।  इस पर कुछ नाममात्र के सदस्यों को निर्धारित रेगुलेटरी लिमिट से अधिक लोन स्वीकृत करने का आरोप है।

द कमुथी को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह बैंक भी सेंट्रल केवाईसी रिकॉर्ड रजिस्ट्री पर निर्धारित समय सीमा के भीतर केवाईसी रिकॉर्ड अपलोड नहीं कर पाया। वहीं द आरणतंगी को-ऑपरेटिव टाउन बैंक लिमिटेड ने पिछले वर्षों के संचित लाभ से लाभांश का भुगतान किया था। इसलिए इस पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

कर्नाटक के इस बैंक ने तोड़े नियम 

कर्नाटक में स्थित द टुमकुर डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव सेंट्रल बैंक लिमिटेड पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस पर अपने निदेशकों से संबंधित लोन स्वीकृत करने का आरोप है। आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि बैंकों के खिलाफ की गई कार्रवाई  का प्रभाव ग्राहकों और बैंकों के बीच हो रहे किसी भी ट्रांजेक्शन या एग्रीमेंट पर नहीं पड़ेगा। इस बात की पुष्टि खुद केंद्रीय बैंक ने की है। इतना ही नहीं भविष्य में होने वाले रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया के किसी भी एक्शन पर भी इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।

आरबीआई एक्शन का नोटिफिकेशन यहाँ देखें 

Manisha Kumari Pandey
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