RBI का सख्त कदम: इन 4 बैंकों ने तोड़े KYC और लोन से जुड़े नियम, अब भरना होगा भारी जुर्माना 

आरबीआई ने चार बैंकों के खिलाफ सख्ती दिखाई है। नियमों का पालन न होने मौद्रिक जुर्माना लगाया है। इससे पहले कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था। आइए जानें क्या इस कार्रवाई का असर ग्राहकों पर पड़ेगा?
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रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने देश के अलग-अलग राज्यों में स्थित चार बैंकों पर मौद्रिक जुर्माना लगाया है। किसी ने केवाईसी तो किसी ने सुपरवाइजरी एक्शन फ्रेमवर्क पर जारी दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया है। जिसका पता आरबीआई को निरीक्षण के दौरान चला था। इस बात की जानकारी केंद्रीय बैंक ने 4 सितंबर गुरुवार को प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी है।

3 बैंकों ने  केवाईसी से जुड़े नियम तोड़े हैं। वहीं महाराष्ट्र के एक बैंक ने एसएएफ के तहत जारी लोन और एडवांस से संबंधित नियमों का अनुपालन नहीं किया। बता दें कि  31 मार्च 2025 को बैंक के वित्तीय स्थिति को चेक करने के लिए एक निरीक्षण किया था। इस दौरान  नियमों की अनदेखी का पता चला। जिसके बाद सभी बैंकों को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया। नोटिस पर आ ए रिप्लाई और जांच के दौरान दी गई प्रस्तुतियों के आधार पर पेनल्टी लगाने का फैसला लिया गया।

बैंक ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस कार्रवाई का प्रभाव ग्राहकों और बैंकों के बीच हो रहे लेनदेन पर नहीं पड़ेगा। न ही इसका उद्देश्य भविष्य में होने वाले आरबीआई के किसी अन्य कार्रवाई पर असर डालना है। यह कदम नियमों के अनुपालन में कमियों पर आधारित है।

इन तोड़े केवाईसी से जुड़े नियम 

पश्चिम बंगाल में स्थित दक्षिण दिनाजपुर डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर 5.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह बैंक खातों के जोखिम वर्गीकरण की आवधिक समीक्षा की एक प्रणाली स्थापित नहीं कर पाया, जिसकी आवधिकता कम से कम 6 महीने में एक बार थी। इसके अलावा ग्राहकों के केवाईसी रिकॉर्ड को निर्धारित समय सीमा के भीतर के केंद्रीय केवाईसी रिकॉर्ड रजिस्ट्री पर अपलोड करने में भी विफल रहा।

बिहार में स्थित द पाटलिपुत्र सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर 2.02 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस बैंक ने भी खातों के जोखिम वर्गीकरण की अवधि से समीक्षा करने के लिए एक सिस्टम स्थापित नहीं किया। इसके अलावा अपने ग्राहकों की ऋण जानकारी तीन ऋण सूचना कंपनियों को प्रस्तुत करने में भी विफल रहा। द अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, कटक, ओडिशा पर 4.50 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई गई है। इस बैंक ने ग्राहकों के केवाईसी रिकॉर्ड को सेंट्रल केवाईसी रिकॉर्ड रजिस्ट्री पर सही समय पर अपलोड नहीं किया।

इस बैंक पर लगा लोन से जुड़े नियम तोड़ने का आरोप 

महाराष्ट्र में स्थित दहानू रोड जनता को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस बैंक ने एसएएफ के तहत निर्देशों का पालन न करते हुए कुछ लोन और एडवांस के लिए एकल और समूह उधारकर्ता जोखिम सीमा को लागू नियामक सीमा से 25% तक कम नहीं किया था।

Manisha Kumari Pandey
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