RBI की बड़ी कार्रवाई, 2 बैंकों पर लगा जुर्माना, 150 फाइनेंस कंपनियों का लाइसेंस रद्द, देखें लिस्ट

आरबीआई ने मई में एक बार फिर सख्त कदम उठाया है। नियमों का अनुपालन न होने पर दो बैंकों पर पेनल्टी लगाई गई है। कई एनबीएफसी का लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया है। कुछ फाइनेंस कंपनियों ने खुद अपना सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन सरेंडर किया है। 
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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मध्य प्रदेश और गुजरात में स्थित दो बैंकों पर मौद्रिक जुर्माना लगाया है । यह कदम नियमों का सही से अनुपालन न होने पर उठाया गया है। 150 नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों का सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन (सीओआर) यानि लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। जबकि आरबीआई ने राजस्थान के जयपुर  में स्थित कृष्णा कैपफिन लिमिटेड का सीओरआर फिर से रिस्टोर करने का ऐलान किया है। 7 एनबीएफसी ने अपना CoR सरेंडर किया है। इस कार्रवाई की जानकारी आरबीआई ने 14 मई को अपनी आधिकारिक वेबसाइट  http://www.rbi.org.inपर दी है।

मध्य प्रदेश के सिवनी में स्थित जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित पर 1.50 लाख रुपये का जुर्माना केवाईसी पर जारी दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने पर लगाया गया है। गुजरात के मेहसाणा में स्थित श्री कड़ी नागरिक सहकारी बैंक लिमिटेड पर 16.30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

नियमों के उल्लंघन का पता आरबीआई को एक संवैधानिक निरीक्षण के दौरान चला था, जो 31 मार्च 2025 तक किया गया था। इसके बाद दोनों बैंकों को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया। नोटिस पर मिले जवाब और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान दी गई प्रस्तुतियों के आधार पर सभी आरोप सही पाए गए। इसके बाद पेनल्टी लगाने का फैसला लिया गया है।

बैंकों ने तोड़े ये नियम 

श्री कड़ी सरकार नागरिक सहकारी बैंक लिमिटेड ने आपस में जुड़े उधारकर्ताओं या पक्षों के समूह के लिए निर्धारित विवेकपूर्ण सीमा का उल्लंघन किया। इसके अलावा अपने द्वारा स्वीकृत कुछ लोन के संबंध में निधियों के अंतिम उपयोग को सुनिश्चित भी नहीं कर पाया। वहीं जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित पात्र दावा रहित अमाउन्ट को निर्धारित समय सीमा के भीतर जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता कोष में ट्रांसफर करने में विफल रहा। इसके अलावा खातों के जोखिम वर्गीकरण की आवधिक समीक्षा भी नहीं की, जो 6 महीने में कम से कम एक बार होनी चाहिए थी। आरबीआई के कार्रवाई का असर  ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा सभी लेनदेन और एग्रीमेंट पहले की तरह जारी रहेंगे।

यहाँ देखें आरबीआई का नोटिफिकेशन 

150 NCFC का लाइसेंस रद्द, 7 ने किया सरेंडर 

सेंट्रल बैंक ने दिल्ली, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और कर्नाटक में विभिन्न स्थानों पर स्थित कई नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों का सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन कैंसिल कर दिया है। यह कदम  रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया एक्ट 1934 की धारा 45-IA (6) के तहत उठाया गया है। सीओआर रद्द होने पर इन कंपनियों को नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल इंस्टिट्यूट के तौर पर बिजनेस जारी रखने की अनुमति अब नहीं होगी।

पश्चिम बंगाल में स्थित चार एनबीएफसी ने नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन बिजनेस से बाहर होने पर अपना सीओआर सरेंडर किया है। जबकि अधिकृत कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी कंपनी की पात्रता पूरी होने पर नई दिल्ली में स्थित  आरआर होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड और कानपुर, उत्तर प्रदेश में स्थित अंजलि कैपफिन लिमिटेड ने अपना सीओआर सरेंडर किया है। महाराष्ट्र के मुंबई में स्थित एचडीएफसी होल्डिंग्स लिमिटेड ने भी अपना का भी अपना सीओआर सरेंडर कर दिया है।

Manisha Kumari Pandey
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