इन 2 बैंकों ने किया नियमों का उल्लंघन, RBI ने दिखाई सख्ती, लगाया भारी जुर्माना 

आरबीआई ने दो बैंकों पर पेनल्टी लगाई है। यह कदम नियमों का सही से अनुपालन न करने के आरोप में लगाया गया है। आइए जानें इस कार्रवाई के पीछे क्या वजह है और खाताधारकों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
RBI action

एक बार फिर रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने नियमों का उल्लंघन होने पर सख्त कदम उठाया है। दो सहकारी बैंकों पर मौद्रिक जुर्माना लगाया गया है। दोनों ही बैंक देश के अलग-अलग राज्यों में स्थित है। इस कार्रवाई की जानकारी आरबीआई ने 12 फरवरी को प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी है। पेनल्टी लगाने से पहले इन दोनों बैंकों के वित्तीय स्थिति को चेक करने के लिए एक संवैधानिक निरीक्षण किया गया था। इस दौरान दिशा निर्देशों में खामियों का पता चला।

निरीक्षण की जांच रिपोर्ट के आधार पर आरबीआई ने दोनों बैंक को कारण बताओं नोटिस जारी किया। नोटिस पर प्राप्त प्रतिक्रिया और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान दी गई प्रस्तुतियों के आधार पर सभी आरोप सही पाए गए। इसके बाद रिजर्व बैंक ने जुर्माना लगाने का फैसला लिया। इस सूची में राजस्थान का गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड और ओडिशा का द बहरामपुर को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड शामिल है।

द गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड

द गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड पर 3 लाख रुपये का जुर्माना केवाईसी से संबंधित दिशा निर्देशों का उल्लंघन करने पर लगाया गया है। 31 मार्च 2025 को नाबार्ड द्वारा किए गए एक निरीक्षण के दौरान नियमों के उल्लंघन का पता चला था। बैंक ने अकाउंट के रिस्क कैटिगरी के समय-समय पर रिव्यू के लिए एक सिस्टम लागू नहीं कर पाया। जिसकी समय सीमा 6 महीने में कम से कम एक बार होनी चाहिए थी। इसके अलावा सीमा के भीतर अपने ग्राहकों के केवाईसी को अपडेट करने में भी असफल रहा।

द बहरामपुर कोऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड

ओडिशा में स्थित द बहरामपुर को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड पर आरबीआई ने 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इसका निरीक्षण खुद आरबीआई ने वित्तीय स्थिति को चेक करने के लिए 31 मार्च 2025 को किया था। बैंक ने प्रूडेंशियल इंटर बैंक (ग्रॉस) एक्स्पोज़र लिमिट और इंटर बैंक काउंटर पार्टी लिमिट का उल्लंघन किया था।

नियमों का उल्लंघन होने पर आरबीआई अक्सर बैंकों पर जुर्माना लगाते हैं। इसका असर ग्राहकों के बीच हो रहे किसी भी लेनदेन या एग्रीमेंट पर नहीं पड़ता।  आरबीआई ने खुद नोटिफिकेशन में इस बात की पुष्टि की है। केंद्रीय बैंक ने कहा कि, “यह कार्रवाई विनियामक खामियों पर आधारित है। इसका उद्देश्य किसी भी ट्रांजेक्शन या एग्रीमेंट की वैधता पर प्रभाव डालना नहीं है। न ही भविष्य में होने वाले किसी भी अन्य कार्रवाई पर इसका कोई प्रभाव पड़ेगा।”

Manisha Kumari Pandey
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