
भारतीय रिजर्व बैंक ने तीन बैंकों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। इन पर प्रतिबंध लगाया गया है। RBI की अनुमति के बिना कई कामों को करने से रोका गया है। इस लिस्ट में सोनपेठ नागरिक सहकारी बैंक मर्यादित (सोनपेठ), लोकापावनी महिला सहकारी बैंक नियमिथा (मांड्या) और इरिंजलाकुडा टाउन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड शामिल हैं। सभी बैंकों को 30 जुलाई से कारोबार बंद करने का आदेश दिया गया है।
इन बैंकों को आरबीआई की लिखित स्वीकृति के बिना कोई लोन या एडवांस प्रदान करने की अनुमति नहीं होगी। निवेश, उधार लेने, नई जमा राशि स्वीकार करने, कोई भुगतान वितरित करने, समझौता करने, संपत्ति या परिसंपत्ति को बेचने से भी रोका गया है। इसके अलावा केंद्रीय बैंक ने तीनों बैंकों को इस निर्देश की एक कॉपी बैंक परिसर या वेबसाइट पर जारी करने की सलाह भी दी है।
कब तक रहेगा प्रतिबंध?
बैंक के कामकाज में सुधार के लिए आरबीआई ने बैंकों से संबंधित बोर्ड और वरिष्ठ प्रबंधन के साथ बातचीत भी की है। पर्यवेक्षक चिताओं को दूर करने और बैंक के ग्राहकों की रक्षा करने के लिए यह निर्देश जारी किया गया है। हालांकि इसे बैंकिंग लाइसेंस रद्द होना नहीं माना जाएगा। 6 महीने तक केन्द्रीय बैंक इनके स्टेटस की समीक्षा करेगा। स्थिति में सुधार होने पर बैन को हटाने का फैसला लिया जा सकता है।
ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?
इरिंजलाकुडा टाउन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड:- आरबीआई के निर्देश के तहत इरिंजलाकुडा टाउन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के ग्राहक 10, 000 रुपये से अधिक का विड्रॉल अपने सेविंग किया करंट अकाउंट से नहीं निकाल पाएंगे। हालांकि बिजली बिल, कर्मचारियों के वेतन, किराया इत्यादि के संबंध में वह करने की अनुमति बैंक को दी गई है।
लोकापावनी महिला सहकारी बैंक नियमिथा:- इस बैंक के ग्राहकों को 30,000 रुपये से अधिक पैसों की निकासी करने की अनुमति। यह कदम बैंक के लिक्विडिटी स्थिति को देखते हुए उठाया गया है। जमा के विरुद्ध लोन को समायोजित करने की अनुमति दी गई है।
सोनपेठ नागरिक सहकारी बैंक मर्यादित:- इस बैंक के ग्राहकों को खाते से पैसे निकालने की अनुमति नहीं होगी। जानकारी के लिए बता दें कि डीआईसीजीसी एक्ट 1961 के प्रावधानों के तहत प्रत्येक ग्राहक को 5 लाख रुपये तक डिपॉजिट इंश्योरेंस को क्लेम करने का अधिकार होता है।

