इस बड़े प्राइवेट बैंक पर चला RBI का डंडा, नियमों का उल्लंघन होने पर लगा लाखों का जुर्माना

आरबीआई ने एक बैंक और एक एनबीएफसी पर लाखों का जुर्माना लगाया है। नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है। नोटिफिकेशन भी जारी किया गया है। आइए जानें इस कार्रवाई के पीछे क्या वजह है और क्या कस्टमर्स पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा?
rbi action

जुलाई में एक बार फिर रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया की बड़ी कार्रवाई की है। अब एफडीएफसी बैंक को भारी जुर्माना भरना पड़ेगा। RBI ने आदेश भी जारी किया है। इसके अलावा एक नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी के खिलाफ भी केन्द्रीय बैंक ने सख्ती दिखाई है। बता दें देश के सभी बैंको और एनबीएफसी को आरबीआई रेगुलेट करता है। नियमों की अनदेखी होने पर एक्शन लेता है।

एचडीएफसी बैंक पर 4.88 लाख रूपये की पेनल्टी लगी है। FEMA 1999 के सेक्शन 11 (3) के तहत यह कदम भारतीय रिज़र्व बैंक ने उठाया है। इसपर ग्राहकों को टर्म लोन करते समय “फॉरेन इन्वेस्टमेंट इन इंडिया” पर जारी मास्टर निर्देशों का अनुपालन नहीं किया है। एक कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। जिसपर प्राप्त प्रतिक्रिया और मौखिक प्रस्तुती के आधार पर जुर्माना लगाने का फैसला लिया गया।

ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा असर 

आरबीआई ने कार्रवाई से जुड़ा नोटिफिकेशन जारी किया है। जिसमें कहा है कि “यह एक्शन विनियामक कमियों पर आधारित है। इसका मकसद ग्राहकों और बैंक के बीच हो रहे लेनदेन या एग्रीमेंट पर कोई प्रभाव नही पड़ेगा।” बता दें कि HDFC बैंक एक अधिकृत डीलर बैंक। कई बैंकिंग बिजनेस से जुड़ा है। इसमें लोन, सेविंग्स डिपॉजिट, एफडी, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड इत्यादि सेवाएं प्रदान करता है। भारत में करोड़ों ग्राहक इससे जुड़े हैं। यदि आप भी इनमें से एक हैं, तो इस कार्रवाई को लेकर चिंता लेने की जरूरत नहीं।

श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड पर भी गिरी गाज 

केन्द्रीय बैंक ने आरबीआई एक्ट 1934 के तहत श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड पर 2.70 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। 31 मार्च 2024 को हुए एक निरीक्षण के दौरान नियमों के अनुपालन में खामियों का खुलासा हुआ था। कंपनी ने लोन री-पेमेंट थर्ड पार्टी के अकाउंट के जरिए किया, जबकि उधारकर्ताओं ने लोन का भुगतान डायरेक्ट कम्पनी के खाते के जरिए किया था। इस कारवाई का असर भी कस्टमर्स पर नही पड़ेगा।

Manisha Kumari Pandey
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