
जुलाई में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने कई बैंकों और कंपनियों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। एक बार फिर दो बैंकों पर मौद्रिक जुर्माना लगा है। इस लिस्ट में मध्यप्रदेश का स्मृति नागरिक सहकारी बैंक मर्यादित (मंदसौर) भी शामिल है। इसके अलावा तमिलनाडु में स्थित द बटलागुंडू को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड पर भी RBI ने पेनल्टी लगाई गई है। दोनों ने दिशानिर्देशों का अनुपालन नहीं किया है। किसी ने केवाईसी तो एसएएफ के तहत जारी नियम तोड़ने का आरोप है।
इस कार्रवाई की जानकारी आरबीआई ने 28 जुलाई सोमवार को दी है। जिससे यह पता चलता है कि नियमों में अनदेखी जरा भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ताकि ग्राहकों के लिए बैंकिंग सेक्टर सुरक्षित हो सके। नोटिफिकेशन के मुताबिक स्मृति नागरिक सहकारी बैंक मर्यादित पर 2.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं द बटलागुंडू को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड को एक लाख रुपये का हर्जाना भरना होगा।
ये है कार्रवाई का कारण (RBI Action)
स्मृति नागरिक सहकारी बैंक मर्यादित:- मध्य प्रदेश के इस बैंक ने व्यापक साइबर सुरक्षा ढांचे के तहत आरबीआई द्वारा निर्धारित साइबर सुरक्षा कंट्रोल्स को लागू नहीं कर पाया। इसके अलावा निर्धारित समय के भीतर ग्राहकों के केवाईसी को भी आवधिक अपडेशन भी नहीं कर पाया।
द बटलागुंडू को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड:– उधर मानदंडों से शेयर लिंकिंग का पालन किए बिना कुछ लोन स्वीकृत किए। जबकि उसका सीआरएआर नियामक न्यूनतम से कम था। इसके अलावा 100% से अधिक जोखिम भार वाले लोन और एडवांस भी स्वीकृत किए। कुछ मामलों में नए लोन और एडवांस की भी लागू एकल उधारकर्ता जोखिम सीमा का भी उल्लंघन किया, जो कि एसएएफ के तहत जारी निर्देशों का पालन नहीं करता।
क्या ग्राहकों के लिए चिंता का विषय?
आरबीआई ने दोनों ही बैंकों का निरीक्षण मार्च 2024 में किया था। इस दौरान पता चला कि बैंक कुछ दिशा निर्देशों का सही से अनुपालन नहीं कर रहे हैं। जिसके बाद आगे जांच की गई। दोनों बैंकों को कारण बताओं नोटिस भेजा गया। रिप्लाई और अन्य मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद पेनल्टी लगाने का फैसला लिया गया। हालांकि इसका प्रभाव ग्राहकों और बैंकों के बीच हो रहे किसी भी लेनदेन या एग्रीमेंट पर नहीं पड़ेगा।

