इन 4 फाइनेंस कंपनियों ने किया नियमों का उल्लंघन, RBI ने उठाया सख्त कदम, ठोका लाखों का जुर्माना, पढ़ें पूरी खबर 

आरबीआई ने नियमों का उल्लंघन होने चार एनबीएफसी पर मौद्रिक जुर्माना लगाया है। कंपनियों को आदेश जारी किया है। निरीक्षण के दौरान निर्देशों के पालन में खामियों का खुलासा हुआ था। आइए जानें कंपनियों पर क्या आरोप हैं?
rbi action

देशभर की सारी नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों के लिए नियम निर्धारित किए गए हैं। सभी एनबीएफसी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से रजिस्टर्ड होते हैं। इनका संचालन आरबीआई एक्ट 1934 के विभिन्न प्रावधानों के तहत होता है। नियमों का उल्लंघन करने पर केन्द्रीय बैंक कार्रवाई भी करता है। मौद्रिक जुर्माना और प्रतिबंध लगाता है।

अब आरबीआई ने चार एनबीएफसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। 76 लाख रुपये से अधिक का मौद्रिक जुर्माना लगाया है। ब्रिज फिनटेक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड पर 10 लाख रुपये, विजनरी फाइनेंसपियर प्राइवेट लिमिटेड पर 16.60 लाख रुपये, फेयरएसेट टेक्नोलॉजीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड पर 40 लाख रुपये और रंग दे पी2पी फाइनेंशियल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

कंपनियों ने किया लोन से जुड़े निर्देशों का उल्लंघन

इन चारों कंपनियों ने  लोन से जुड़े नियमों का उल्लंघन किया है। व्यक्तिगत ऋणदाताओं की वशिष्ठ स्वीकृति के बिना व्यक्तिगत उधारकर्ताओं को ऋण वितरित किया। सभी ने आंशिक ऋण जोखिम लिया, जो एनबीएफसी पी2पी कंपनियों के लिए “गतिविधियों के दायरे” के तहत प्रदान नहीं किए गए थे।

इन नियमों का पालन भी नहीं कर पाई कंपनियां

  • ब्रिज फिनटेक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड ने कुछ मामलों में यह सुनिश्चित नहीं कर पाया कि सेवाप्रदाताओं के साथ उसके समझौते में सेवप्रदाताओं के निरीक्षण के लिए आरबीआई के अधिकारों को मान्यता देने के लिए खंड शामिल है। सेवा प्रदाताओं की वार्षिक समीक्षा की। निष्पक्ष व्यवहार संहिता के अनुपात शिकायत निवारण तंत्र के कामकाज की आवधिक समीक्षा करना भूल गया।
  • विजनरी फाइनेंसपियर प्राइवेट लिमिटेड ऋणदाताओं को उधारकर्ताओं के आवश्यक विवरण का खुलासा भी नहीं किया। इसके द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं की मूल्य निर्धारण के लिए बोर्ड द्वारा अनुमोदित नीति भी तैयार नहीं थी।
  • फेयरएसेट टेक्नोलॉजीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड पर संभावित उधारकर्ताओं को उधारकर्ताओं का ऋण मूल्यांकन और जोखिम प्रोफाइल ना बताने का भी आरोप है। प्रबंधन शुल्क को आंशिक या पूरी तरह से त्यागगर ऋण जोखिम लिया  इसके अलावा आरबीआई के फंड ट्रांसफर मेकैनिज्म जारी पर निर्देशों का पालन ही नहीं किया।
Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews