
RBI Action: भारतीय रिजर्व बैंक ने चार बैंकों के खिलाफ सख्ती दिखाई है। नियमों का उल्लंघन करने पर लाखों का जुर्माना लगाया है। इस बात की जानकारी आरबीआई ने प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी है। केंद्रीय बैंक ने बैंकिंग विनियमन अधिनियम 1949 की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ-साथ 47ए (1)(सी) प्रावधानों के तहत यह एक्शन लिया है।
भारत सहकारी बैंक लिमिटेड (बेंगलुरु) पर 3 लाख रुपये का जुर्माना आरबीआई ने लगाया है। श्री बसावेश्वरा पटना सहकारी बैंक नियामित (सिंदगी कर्नाटक) और स्वामी विवेकानंद सहकारी बैंक नियामित (निदागुंडी कर्नाटक) पर 1-1 लाख रुपये और मंजरा महिला शहर सहकारी बैंक लिमिटेड (बीदर कर्नाटक) पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इन बैंकों पर केवाईसी, लोन और अन्य बैंकिंग दिशा निर्देशों का सही से अनुपालन न करने का आरोप है।
आखिर आरबीआई ने क्यों उठाया यह कदम? (RBI Monetary Penalty)
- भारत सहकारी बैंक लिमिटेड ने एसएएफ तहत जारी निर्देशों का पालन नहीं किया। बैंक ने ऐसे लोन और एडवांस को स्वीकृत किया, जिसमें लागू एकल उधारकर्ता जोखिम सीमा से परे थे। इतना ही नहीं टर्म डिपॉजिट/एनएससी/केवीपी बीमा पॉलिसीयों को कॉलेटरल सिक्योरिटी द्वारा समर्थित भी नहीं किया।
- स्वामी विवेकानंद सहकारी बैंक नियामित ने विवेकपूर्ण अंतर बैंक (सकल) और काउंटर पार्टी एक्स्पोज़र सीमाओं का उल्लंघन किया। निर्धारित सीमा समय के भीतर ग्राहकों के केवाईसी रिकॉर्ड को केन्द्रीय केवाईसी रिकॉर्ड रजिस्ट्री पर अपलोड नहीं कर पाया।
- बसावेश्वरा पटना सहकारी बैंक नियामित ने एसएएफ के तहत जारी निर्देशों का अनुपालन करने में विफल रहा। इस क्षेत्र में अपना जोखिम बढ़ाया जहां एनपीए का स्तर अधिक था। आरबीआई की पूर्व अनुमति के बिना लाभांश भी घोषित किया।
- मंजीरा महिला सहकारी बैंक लिमिटेड समय सीमा के भीतर ग्राहकों के केवाईसी रिकॉर्ड को सेंट्रल केवाईसी रिकॉर्ड रजिस्ट्री पर अपलोड करने में विफल रहा।
ग्राहकों पर क्या पड़ेगा असर? (Bank News)
मार्च 2023 में रिजर्व बैंक द्वारा बैंक की भी स्थिति के संदर्भ में वैधानिक निरीक्षण किया गया था। इस दौरान नियमों के उल्लंघन का खुलासा हुआ। जिसके बाद आरबीआई ने सभी बैंकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया। नोटिस पर आए प्रतिक्रिया और आगे की जांच के बाद मौद्रिक जुर्माना लगाने का निर्णय लिया गया। हालांकि इस कार्रवाई का प्रभाव ग्राहकों और बैंक के बीच हो रहे लेनदेन पर नहीं पड़ेगा।

