बैंकों में कुल फंसे कर्ज पर RBI की नई रिपोर्ट, पिछले 7 सालों में निचले स्तर पर पहुँचा सकल एनपीए, जानें डिटेल्स

rbi action

RBI FSR Report: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने गुरुवार को वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट के 26वें अंक को जारी कर दिया है। जिसके मुताबिक सकल एनपीए अनुपात या फंसा कर्ज घटकर पिछले 7 सालों में पिछले निचले स्तर 5% तक पहुँच चुका है। आरबीआई के मुताबिक बैंक की व्यवस्था अब भी मजबूत है और इनके पास पर्याप्त पूंजी मौजूद है।

हालांकि वैश्विक अर्थव्यवस्था बड़े पैमाने पर विपरीत स्थिति और मंदी का सामना कर रही है। अन्य कई चुनौतियों का खतरा भी बरकरार है। इतना ही नहीं कई झटकों के कारण फाइनैन्शियल स्थिति भी सख्त हो गई है, इसके साथ वित्तीय बाजारों की हालात बिगड़ चुके हैं। फिर भी मजबूत व्यापक आर्थिक बुनियाद और एक स्वस्थ वित्तीय और गैर वित्तीय क्षेत्र के मजबूत बैलन्सशीट के कारण अर्थव्यवस्था मजबूत और फ्लेक्सिबल है।

मुद्रास्फीति को लेकर कही ये बात

मुद्रास्फीति को लेकर रिपोर्ट में कहा गया है कि कीमतें ऊंची हैं। लेकिन मोनेटरी पॉलिसी के कारण आपूर्ति पक्ष के हस्तक्षेप के प्रेशर कम हो रहा है।

गवर्नर शक्तिकान्त दास ने कहा

इस दौरान आरबीआई के गवर्नर शक्तिकान्त दास ने कहा कि “सेंट्रल बैंक और अन्य वित्तीय नियामक भारतीय अर्थव्यवस्था के सर्वोत्तम हिट में, जब भी जरूरी हो, उचित हस्तक्षेप के माध्यम से वित्तीय सिस्टम की स्थिरता और सुदृढ़ता सुनिश्चित करने लिए हमेशा तैयार रहेगा”

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews