SBI MCLR Hike: देश के सबसे बड़े बैंक ने दिया ग्राहकों को झटका, महंगा हुआ लोन, बढ़ेगा EMI का बोझ

SBI MCLR Hike: एक तरफ जहां टमाटर समेत अन्य खाने-पीने की चीजों की महंगाई ने जनता का बजट बिगाड़ रखा है। दूसरी तरफ देश के सबसे बड़े बैंक ने कर्जदारों को झटका दिया है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने 15 जुलाई यानि आज MCLR बढ़ाने की घोषणा कर कर दी है। जिसका सीधा असर लोन (Loan) के ब्याज दरों और ईएमआई पर पड़ेगा। इसके परिणाम स्वरूप होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन महंगा हो जाएगा। साथ ही ग्राहकों पर ईएमआई का बोझ भी बढ़ेगा।

इतना हुआ इजाफा

एसबीआई ने एमसीएलआर में 5 बीपीएस की वृद्धि कर दी है। अब से दरें 8% से लेकर 8.75% के बीच रहेगी। इससे पहले बैंक ने मार्च महीने में एमसीएलआर में 70 बेसिस पॉइंट्स का इजाफा किया था। इस दौरान BPLR में भी 0.70 बेस पॉइंट्स की वृद्धि हुई थी।

नई एमसीएलआर दरें 

ओवरनाइट एमसीएलआर दर 7.75% से बढ़कर 8% हो चुकी है। वहीं एक महीने के लिए दरें 8.15%, तीन महीने के लिए 8.15%, 6 महीने के लिए 8.45%, एक साल के लिए 8.55% , दो साल के लिए 8.65% और तीन साल के लिए 8.75% है।

रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं

रेपो रेट (Repo Rate) में वृद्धि होने पर लोन के ब्याज दरों में भी वृद्धि होती है। लेकिन रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने 6-9 जून को आयोजित हुई बैठक में रेपो दरों में कोई बदलाव नहीं किया था। वर्तमान में रेपो रेट 6.50 फीसदी पर बरकरार है। एसबीआई ने एक महीने बाद ही एमसीएलआर को बढ़ा दिया है। बता दें कि MCLR बुनियादी न्यूनतम दर है, जिसके आधार पर कोई भी बैंक ग्राहकों को लोन देता है।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews