4 साल पहले शुरू किया स्टार्टअप, अब 100 करोड़ का टारगेट, पढ़ें किसान मनीष के. प्रह्लाद की Success Story

4 साल पहले शुरू किया स्टार्टअप, अब 100 करोड़ का टारगेट, पढ़ें किसान मनीष के. प्रह्लाद की Success Story

Manish K. Prahlad Success Story : किसान वह व्यक्ति होता है जो खेती या कृषि के क्षेत्र में काम करता है। वह फसलें उगाता है, पालतू जानवर पालता है और अन्य कृषि संबंधित काम करता है। किसान का काम समृद्धि और आत्मनिर्भरता के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। वे अपनी मेहनत से हमारे खाने की जरूरतों को पूरा करते हैं, जिससे हम अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा कर पाते हैं। बता दें कि भारत में 70 फीसदी कृषि होती है। किसान हर मौसम में हमारे लिए मेहनत करते हैं। इस दौरान उन्हें काफी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है, लेकिन एक पढ़े-लिखे किसान ने 4 साल पहले एक स्टार्टअप शुरू किया, जिसके लिए आज वह 100 करोड़ के रेवेन्यू का लक्ष्य रखा है। उनकी वजह से गांव में पशु चिकित्सा की कमी दूर हुई। दरअसल, मनीष के. प्रह्लाद ने इस नब्ज को पकड़ते हुए आज हर एक किसान की समस्या को दूर करने का काम किया है। आइए पढ़ते हैं उनकी सक्सेस स्टोरी…

2020 में शुरू किया स्टार्टअप

बता दें कि मनीष के. प्रह्लाद राजस्थान के रहने वाले हैं, जिन्हों साल 2020 अपना खुद का स्टार्टअप शुरू किया। जिसके जरिए वह पशुओं के स्वास्थ्य को ठीक करने के साथ ही किसान और पशुपालकों की आमदनी को बढ़ाने का काम किया है। अब उनका अगला मिशन महिलाओं और किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का है। इसके लिए वह लगातार b2b2c मॉडल पर काम कर रहे हैं। दरअसल, मनीष ने मवेशियों को अच्छी सुविधा पहुंचने के लिए एक प्लेटफार्म को तैयार किया है, जहां उन्होंने ऐसे चिकित्सक खोजें जो गाय या भैंस के बीमार पड़ने पर उन्हें आसानी से ठीक कर देते हैं। इससे पहले चिकित्सक की कमी के कारण उनकी कई भैंसों की मौत हो गई थी, तब उन्होंने पशुधन के महत्व को पहचाना और आज वह किसानों के बीच पशु चिकित्सा देखभाल के लिए प्लेटफार्म बना लिए।

100 करोड़ का टारगेट

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मनीष अब करोड़ों के मालिक बन चुके हैं। उनके कंपनी का रेवेन्यू बिक्री, कमीशन और को-ब्रांडिंग के जरिए जनरेट होता है। बता दें कि एक महीने में 25,000 से ज्यादा यूजर्स इसपर विजिट करते हैं और उनमें से 18,000 पेमेंट करने वाले ग्राहक होते हैं जोकि मुख्य रूप से राजस्थान और मध्य प्रदेश के रहने वाले होते हैं। कंपनी टेलीमेडिकल कंसल्टेंसी कॉल के लिए 95 चार्ज करती है। इस दौरान अवधि से कोई मतलब नहीं होता, चाहे आप 5 मिनट बात करें या फिर 3 से 4 घंटे आपको 95 रुपए अदा करने होंगे। वहीं, यदि कोई फील्ड विजिट करना चाहता है तो उसके लिए उन्हें ₹200 खर्च करने होते हैं। इस प्लेटफार्म पर रियल टाइम डायग्नोस्टिक्स, रिमोट मॉनिटरिंग और वर्चुअल पशु चिकित्सा से परामर्श मिलता है। इस प्लेटफार्म के जरिए किसान अपने बीमार जानवरों के वीडियो फोटो अपलोड करते हैं, जहां से वह डॉक्टर या फिर पैरामेडिक्स द्वारा परामर्श और नुस्खे दिए जाते हैं। बता दें कि मनीष ने कंपनी को वित्तीय वर्ष 2024-25 तक 100 करोड़ का टारगेट हासिल करने का लक्ष्य बनाया है।

दुनिया में सबसे बड़ी पशुधन आबादी वाला देश भारत

जैसा कि हम सभी जानते हैं भारत दुनिया में सबसे बड़ी पशुधन आबादी वाला देश है। इसलिए इन पशुओं के स्वास्थ्य देखभाल की जरूरत बहुत महत्वपूर्ण है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में, जहां पशुओं का पालन अधिकतर होता है, पशुओं के लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक की पहुंच की कमी होती है। इस समस्या का समाधान करने के लिए, सरकार को ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चिकित्सालयों की संख्या बढ़ाने और पशुओं के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की ट्रेनिंग प्रदान करने की आवश्यकता है। साथ ही, तकनीकी उन्नति का उपयोग करके रोगों का निदान और उपचार जरूरी है। साथ ही कृषि और पशुपालन संबंधी संस्थानों, गैर सरकारी संगठनों और निजी क्षेत्र को भी इसमें सहयोग करना चाहिए, ताकि पशुओं का स्वास्थ्य सुधारा जा सके और किसानों का भी इससे आर्थिक हित हो।

Sanjucta Pandit
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सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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