सिक्योरिटी गार्ड से करोड़पति बनने तक का सफर नहीं रहा आसान, पढ़ें दिगंता दास की Success Story

उनका जन्म असम के गरीब परिवार में हुआ था जोकि अपने परिवार में इकलौते और सबसे छोटे बेटे थे। हालांकि, उनसे बड़ी-बड़ी तीन बहनें थी। उनकी मां हाउसवाइफ थी, जबकि उनके पिता किसान थे।
सिक्योरिटी गार्ड से करोड़पति बनने तक का सफर नहीं रहा आसान, पढ़ें दिगंता दास की Success Story

Success Story of Diganta Das : सफलता पाने की चाहत हो तो इंसान किसी से भी लड़ने को तैयार रहता है। वह अपनों के खिलाफ भी जाकर अपने सपनों को नया आयाम देता है। ऐसी ही स्टोरी आज हम आपको बताने वाले हैं, जिन्होंने सिक्योरिटी गार्ड से करोड़पति बनने तक का सफर तय किया जोकि असम के रहने वाले हैं। बेंगलुरु में वह मामूली सी नौकरी करते थे, लेकिन मन में सक्सेसफुल बिजनेसमैन बनने का सपना उनकी नौकरी के आड़े आ रहा था। जिस कारण उन्होंने खुद का बिजनेस शुरू किया और आज वह हर महीने 50 लाख रुपए से ज्यादा कमाते हैं। तो चलिए आज के आर्टिकल में हम आपको दिगंता दास की सक्सेस स्टोरी बताएंगे।

असम में हुआ जन्म

उनका जन्म असम के गरीब परिवार में हुआ था जोकि अपने परिवार में इकलौते और सबसे छोटे बेटे थे। हालांकि, उनसे बड़ी-बड़ी तीन बहनें थी। उनकी मां हाउसवाइफ थी, जबकि उनके पिता किसान थे। दिगंता ने विश्वनाथ जिले के दक्षिण बोरकुली के गोपालपुर नेहरू उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से अपनी शिक्षा प्राप्त की। साल 2001 में उन्होंने मैट्रिक की पढ़ाई पूरी की अपने परिवार की माली हालत को ठीक करने के लिए उन्होंने काम करना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे काम की तलाश करते रहे आखिर में उन्हें बेंगलुरु जाने का मौका मिला। यहां वह 1 साल होटल में सुरक्षा गार्ड और रूम सर्विस बाय के रूप में काम किया। साल 2012 में हुआ बेंगलुरु के पोस्ट कोर्ट में आईडी फ्रेश फूड से जुड़ गए जोकि इडली डोसा बैटर बेचने वाली इंस्टेंट फूड सेगमेंट में एक बड़ा ब्रांड बन चुकी है। यहां पर आपको पराठा, चपाती, चटनी, दही सहित अन्य चीज भी मिलेगी। यहां वह मैन्युअल कर्मी के तौर पर कार्य करते थे।

ऐसे मिली सफलता

कुछ महीने बाद यहां वर्कर्स छुट्टी पर चले गए, तब उस खाली जगह पर दिगंता को ट्रेनिंग दी गई। उनकी ईमानदारी ने सभी सीनियर्स का ध्यान उनकी और खींचा। वहां पर उन्होंने पराठा बनाने में दिलचस्पी हुई जोकि लोगों को काफी ज्यादा पसंद आई। इसके बाद उन्होंने अपने दोस्त के साथ मिलकर साल 2017 में डेली फ्रेश फूड नाम से पैक पराठा का बिजनेस शुरू किया। देखते ही देखते यह बिजनेस उनका सफल हो गया और आज वह हर महीने 50 लाख रुपए से भी ज्यादा की कमाई करते हैं। दिगंता दास अपने बिजनेस को और अधिक बढ़ाना चाहते हैं, इसके लिए वह लगातार कड़ी मेहनत कर रहे हैं।

Sanjucta Pandit
लेखक के बारे में
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सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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