भारत के दो बड़े बैंकों ने मिलाया माइक्रोसॉफ्ट से हाथ, ग्राहकों को मिलेगा नई सुविधाओं का लाभ, पढ़ें पूरी खबर

single citizen delivery portal

Banks Tie Up With Microsoft: नया साल शुरू होते ही बैंक अपने-आपण सर्विस में नए अपडेट ला रहे हैं। सभी की अलग-अलग प्लानिंग है। इसी बीच यस बैंक और एचडीएफसी बैंक अपनी नई सुविधा को शुरू करने की योजना बना रहे हैं। यदि आप भी इन दोनों बैंकों के ग्रहक हैं तो यह खबर आपके लिए काम की साबित हो सकती है। Yes बैंक और HDFC बैंक ने माइक्रोसॉफ्ट के साथ अपने पार्टनरशिप की घोषणा कर दी है। दोनों ही बैंकों ने अपना नया मोबाइल ऐप तैयार करने के लिए यह निर्णय लिया है, जिसका लाभ ग्राहकों को होगा।

ग्राहकों को मिलेगा कई सुविधाओं का लाभ

बैंक Microsoft के एज्योर प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके नए मोबाइल ऐप का निर्माण करेंगे, जिससे ग्राहकों कई सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा। यह एप मल्टीनेशनल कंपनी के एंटरप्राइज ग्रेड क्लाउड प्लेटफॉर्म पर आधारित होगा। इसके जरिए ग्राहकों को ऑनलाइन पेमेंट्स, डिपॉजिट, इनवेस्टमेंट, शॉपिंग और अन्य सुविधाओ का लाभ होगा। बता दें की इससे पहले ही स्टेट बैंक ऑफ इंडिया इसकी शुरुआत कर चुका है। एसबीआई अपने इस नेक्स्ट जनरेशन ऐप के जरिए विभिन्न सुविधा का लाभ ग्राहकों को देता है।

बैंक द्वारा कहा गया

यस बैंक के प्रेसीडेंट अनंत महेश्वरी के अनुसार माइक्रोसॉफ्ट के Azure प्लेटफॉर्म के जरिए बैंक और भी ज्यादा सुरक्षित बन जाएगा। साथ ही एक ऐसा आर्किटेक्चर उपलब्ध होगा, जो ग्राहकों को नया और खास अनुभव देगा। एचडीएफसी के आईटी हेड और सीआईओ रमेश लक्ष्मीनारायण के मुताबिक माइक्रोसॉफ्ट के साथ उनकी यह पार्टनरशिप टेक्नोलॉजी के बदलाव का ही हिस्सा है, इन सब में इन्वेस्ट करके हम भविष्य के बैंक का निर्माण कर रहे हैं। इतना ही इससे ग्राहकों को नियो बैंकिंग का अनुभव भी मिलेगा। इसके अलावा बैंक माइक्रोसॉफ्ट के “लो कोड, नो कोड” प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके ऐप इनोवेशन और ऑटोमेशन फैक्ट्री को भी सेट कर सकता है। इसके जरिए बैंक के एप्लीकेशन पोर्टफोलियो को माइग्रेट, मॉडर्नाइज करने और बदलने के लिए सक्षम बनाया जाएगा।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews