इस सरकारी बैंक ने बदले UPI पेमेंट से जुड़े नियम, मर्चेंट्स पर पड़ेगा असर, 1 जून से होंगे लागू 

केनरा बैंक यूपीआई मर्चेंट्स से जुड़े नियमों में संशोधन का ऐलान किया है, जो 1 जून 2026 से प्रभावी होंगे। अलग-अलग बिजनेस कैटेगरी के लिए रुपे क्रेडिट कार्ड ट्रांजेक्शन पर नए MDR लागू होने वाले हैं। 
Debit card and current account rules

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पब्लिक सेक्टर के केनरा बैंक में UPI लेनदेन से संबंधित नियमों में बड़ा बदलाव किया है। 2000 रुपये से अधिक के यूपीआई पेमेंट्स पर रुपे क्रेडिट कार्ड स्वीकार करने के लिए मर्चेन्ट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू जारी होगा। जिसका सीधा असर व्यापारियों पर पड़ेगा। बैंक ने इसकी जानकारी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक नोटिस के जरिए दी है।

नए नियम 1 जून 2026 से लागू होने वाले हैं। विभिन्न बिजनेस कैटेगरी के लिए एमडीआर भी अलग तय किया गया है। चुनिंदा बिजनेस को छोड़ सभी बिजनेस के लिए एमडीआर प्रतिशत 1.75% होगा। बैंक ने यह भी स्पष्ट किया है कि एमडीआर यूपीआई मर्चेंट की लाइन ऑफ बिजनेस के आधार पर लगाए जाएंगे। एमसीसि कोड के आधार पर रेट्स लागू होंगे।

इन बातों का जानना भी जरूरी 

सभी एमडीआर चार्जेस में जीएसटी को शामिल नहीं किया जाता है। इसलिए MDR अमाउंट पर अतिरिक्त 18% जीएसटी भी प्रभावी होगा। एमडीआर  ट्रांजैक्शन सेटलमेंट के समय या बैंक के सेटलमेंट प्रक्रिया के मुताबिक मर्चेंट के सेटलमेंट अकाउंट से अपने आप डेबिट या कलेक्ट हो जाएगा। ध्यान रखें कि बैंक के पास समय-समय पर अपनी मर्जी से एमडीआर चार्ज में बदलाव करने का अधिकार है। जिसकी जानकारी बैंक ग्राहकों को वेबसाइट या अन्य कम्युनिकेशन चैनल पर पहले देगा।

किस बिजनेस पर कितना MDR लागू होगा?

एग्रीकल्चर, रेलवे, ट्रांसिट, ट्रांसपोर्टेशन, टेलिकॉम सर्विस, इंश्योरेंस, सरकार, पोस्ट ऑफिस, प्रॉपर्टी मैनेजमेंट और एजुकेशन जैसे बिजनेस के लिए भी एमडीआर प्रतिशत  0.70% तय किया गया है। जबकि कान्ट्रैक्टर सर्विसेज, सुपरमार्केट और कन्वीनियंस स्टोर के लिए एमडीआर प्रतिशत 1.10% है। फ्यूल के लिए एमडीआर प्रतिशत को 0.75% निर्धारित किया गया है। पब्लिक सेक्टर इंश्योरेंस कंपनी के लिए एमडीआर 0.50% होगा।

Manisha Kumari Pandey
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