1947 में भारत आई Vaseline, स्किन प्रोडक्ट के रूप में बनी पहली पसंद, पढ़ें Success Story

आज 150 सालों से भी अधिक समय बाद वैसलीन दुनिया भर के 70 से अधिक देशों में बेची जाती है और करोड़ों लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। इसका इस्तेमाल न केवल त्वचा की देखभाल के लिए, बल्कि छोटे-मोटे घावों, कट्स और जलन को ठीक करने के लिए भी किया जाता है।
1947 में भारत आई Vaseline, स्किन प्रोडक्ट के रूप में बनी पहली पसंद, पढ़ें Success Story

Vaseline Success Story : हम सभी के घर में वैसलीन ठंडा के दिन में ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि यह एक प्रकार का पेट्रोलियम जेली होता है जो त्वचा को नरमाहट प्रदान करती है। ऐसे में क्या आपने कभी सोचा है कि इसका आविष्कार कब हुआ और किसने किया? तो चलिए आज के आर्टिकल में हम आपको वैसलीन की सक्सेस स्टोरी बताएंगे।

19वीं सदी में हुआ आविष्कार

बता दें कि इसका आविष्कार 19वीं सदी में हुआ था, जिसे अमेरिकन केमिस्ट रॉबर्ट अगस्टस चेसब्रू ने किया था। उन्होंने 1859 में तेल रिग्स पर काम करते समय “रॉड वैक्स” नामक एक पदार्थ की खोज की, जिसे तेल रिग कर्मी त्वचा की चोटों और जलन को ठीक करने के लिए इस्तेमाल करते थे। जिसके 1872 में इसे वैसलीन नाम से पेटेंट कराया। इसके बाद उन्होंने इसका व्यावसायिक उत्पादन शुरू किया। धीरे-धीरे यह एक घरेलू नाम बन गया। रॉबर्ट अगस्टस चेसब्रू ने 22 साल की उम्र में पेंसिलवेनिया की यात्रा के दौरान यह देखा कि तेल रिग पर काम करने वाले कर्मचारी ऑयल पाइप से निकलने वाले वैक्स को अपने घाव और चोटों पर लगा रहे थे। इस वैक्स को “रॉड वैक्स” कहा जाता था। तब चेसब्रू ने इन कामगारों से बात की, तो उन्होंने पाया कि यह वैक्स घावों को भरने और चोटों को ठीक कर देता है। यह देखकर उन्होंने इस पदार्थ पर शोध करना शुरू किया।

न्यूयॉर्क में की शुरुआत

कई शोधों के बाद चेसब्रू ने इस वैक्स को शुद्ध कर एक नया प्रोडक्ट तैयार किया, जिसे उन्होंने “वैसलीन” नाम दिया। साल 1872 में उन्होंने इस प्रोडक्ट को पेटेंट कराया और बाजार में लॉन्च किया। शुरुआती दौर में वैसलीन को छोटे शीशियों में बेचा जाता था। चेसब्रू ने वैसलीन के के मुफ्त सैंपल भी बांटे। रॉबर्ट अगस्टस चेसब्रू ने ब्रुकलिन न्यूयॉर्क में अपनी फैक्ट्री की शुरुआत की और नॉर्थ अमेरिका में वैसलीन का पहला प्रोडक्ट लॉन्च किया। उन्होंने घुड़सवारी के जरिए अमेरिका के कई राज्यों का भ्रमण किया और लोगों को इसके फायदे बताए। 2 सालों तक लगातार ब्रांडिंग और प्रचार के बाद वैसलीन इतनी लोकप्रिय हो गई कि इसके 1400 टिन एक दिन में बिकने लगे।

70 से अधिक देशों में कारोबार

वैसलीन ने अपनी शुरुआत के बाद से ही स्किनकेयर बाजार में कई प्रोडक्ट लॉन्च किए। वहीं, साल 1987 में यूनिलीवर ने रॉबर्ट की कंपनी को खरीद लिया। वैसलीन 1947 में भारत में आई, लेकिन शुरुआती दौर में इसे चीन की तुलना में भारत में अधिक सफलता नहीं मिली। आज 150 सालों से भी अधिक समय बाद वैसलीन दुनिया भर के 70 से अधिक देशों में बेची जाती है और करोड़ों लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। इसका इस्तेमाल न केवल त्वचा की देखभाल के लिए, बल्कि छोटे-मोटे घावों, कट्स और जलन को ठीक करने के लिए भी किया जाता है।

Sanjucta Pandit
लेखक के बारे में
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सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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