
Vodafone-Idea’s FPO: वहीं निवेशकों को इस एफपीओ में 22 अप्रैल तक निवेश करने की इजाजत मिलेगी। अमेरिकी निवेश फर्म GQG पार्टनर्स और SBI म्यूचुअल फंड के संयुक्त निवेश के द्वारा इस एफपीओ में कुल 80 करोड़ डॉलर (करीब 6,500 करोड़ रुपए) तक का निवेश हो सकता है। आपको बता दें कि यह एफपीओ अब तक का सबसे बड़ा होने की उम्मीद है।
दरअसल अब तक भारतीय बाजार में सबसे बड़ा एफपीओ यस बैंक का है, जिसने 15 हजार करोड़ रुपए की मात्रा में एफपीओ लाया था। जब्कि अडाणी एंटरप्राइजेज भी पिछले साल यानी जनवरी में करीब 20 हजार करोड़ रुपए का एफपीओ लेकर आई थी, लेकिन बाद में कंपनी ने इसे लौटा लिया था। अगर ऐसा न किया जाता तो अडाणी एंटरप्राइजेज अभी तक की सबसे बड़ी एफपीओ लाने वाली कंपनी बन जाती।
1298 शेयरों के लिए बोली लगाने की अनुमति:
कंपनी ने अपने FPO के लिए एक ₹10 से ₹11 के बीच का प्राइस बैंड निर्धारित किया है। जिसके चलते निवेशकों को मिनिमम एक लॉट में 1298 शेयरों के लिए बोली लगाने की अनुमति है। उसी तरह, ₹11 के प्राइज बैंड के आधार पर 1 लॉट के लिए अप्लाय करने पर निवेशकों को ₹14,278 का निवेश करना होगा।
जब वोडाफोन आइडिया ने FPO का ऐलान किया, तो उसने एक रेगुलेटरी फाइलिंग के माध्यम से जाहिर किया कि इस फंड का उपयोग 5G रोलआउट, 4G सेवाओं की सुधार, करों का भुगतान, और अच्छे ग्राहक अनुभव को बढ़ावा देने में किया जाएगा। इससे कंपनी की प्रतिस्पर्धी पोजिशन में सुधार होगा और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।
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