UGC NET 2024: उम्मीदवारों के लिए बड़ी खबर, यूजीसी नेट में हुए 2 बड़े बदलाव, जून सेशन के लिए जल्द शुरू होंगे आवेदन, जानें अपडेट

ugc net 2024

UGC NET 2024: यूजीसी नेट को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। परीक्षा में 2 बदलाव किए गए हैं, जो इसी साल लागू होने वाले हैं। जून सेशन के सेशन के लिए आवेदन शनिवार से शुरू हो सकते हैं। इस बात की जानकारी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष एम जगदीश कुमार ने (University Grants Commission) ने दी है।

यूजीसी नेट के पात्रता में हुए दो बड़े बदलाव

यूजीसी अध्यक्ष के मुताबिक यूजीसी नेट जून 2024 सेशन के लिए वे उम्मीदवार भी आवेदन कर पाएंगे, जो 4 वर्षीय या 8 सेमेस्टर बैच्लर्स डिग्री प्रोग्राम के फाइनल सेमेस्टर या ईयर में है। खास बात यह है कि अब उम्मीदवार अपनी पसंद के विषय में पीएचडी कर सकते हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि उन्होंने ग्रेजुएशन किस कोर्स से किया है। कुमार ने कहा, “4 वर्षीय बैच्लर्स डिग्री प्रोग्राम करने वाले छात्र जिस विषय में पीएचडी करना चाहते हैं कर सकते हैं, चाहे उन्होनें से किसी भी विषय में 4 वर्षीय स्नातक डिग्री प्राप्त की हो।”

पहले क्या थे नियम?

बता दें कि इससे पहले यूजीसी नेट के लिए मास्टर्स की डिग्री होना अनिवार्य होता था। उम्मीदवार उसी विषय में पीएचडी कर सकते थे, जिससे उन्होनें 2 वर्षीय पीजी की डिग्री की हो। लेकिन नियमों में संशोधन से छात्रों का समय बचेगा। उन्हें अब मास्टर्स की डिग्री की जरूरत नहीं पड़ेगी।

आवेदन प्रक्रिया को लेकर यूजीसी की घोषणा

एम जगदीश कुमार ने एप्लीकेशन प्रोसेस को लेकर भी बड़ी घोषणा की है। उन्होनें बताया नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) 20 अप्रैल को यूजीसी नेट जून 2024 के लिए आवेदन शुरू कर सकता है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार ugcnet.nta.ac.in पर जाकर आवेदन कर पाएंगे। इसके अलावा परीक्षा से संबंधित अपडेट्स के लिए उम्मीदवार एनटीए की नई वेबसाइट https://exams.nta.ac.in/ को भी विजिट कर सकते हैं।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews