Career Tips: 12वीं के बाद डिजिटल मार्केटिंग बन सकता है अच्छा करियर ऑप्शन, मिलती है लाखों की सलैरी

Career Tips: 12वीं के बाद डिजिटल मार्केटिंग बन सकता है अच्छा करियर ऑप्शन, मिलती है लाखों की सलैरी

Career Tips: भारत में लगातार डिजिटल क्षेत्र में विकास हो रहा है। इस दौर में इंटरनेट और सोशल मीडिया कारोबार के लिए महत्वपूर्ण बन चुका है। सभी तरह के व्यवसाय के में डिजिटल मार्केटिंग की डिमांड भी बढ़ती जा रही। इसे के साथ इस क्षेत्र में युवाओं को नौकरी भी मिल रही है। कई कंपनियां को डिजिटल मार्केट स्किल्ड युवाओं को लाखों की सैलरी प्रदान करती है। अंदाजा लगाया जा रहा है कि साल 2025 में इस क्षेत्र में 6 करोड़ से अधिक लोगों को जॉब मिलेगा। इस क्षेत्र में आप अपना करियर भी बना सकते हैं। जिसकी शुरुआत आप 10वीं और 12वीं के बाद भी कर सकते हैं।

डिजिटल मार्केटिंग में सर्च इंजन ऑप्टीमाइजेशन (SEO), सोशल मीडिया मार्केटिंग, ईमेल मार्केटिंग, एनालिस्टिक्स, कंटेन्ट मार्केटिंग जैसे स्किल्स शामिल हैं। इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए आपको इन स्किल्स को सीखना अनिवार्य होता है। डिजिटल क्षेत्र में हो रहा विकास इस क्षेत्र में शानदार करियर भी दे सकता है। इंटरनेट और स्मार्टफोन आजकल लोगों के जीवन का हिस्सा बन चुका है। शॉपिंग से गॉसिपिंग तक सबके लिए इंटरनेट का इस्तेमाल होता है। इसलिए ज्यादातर व्यवसाय अपने दर्शकों तक पहुँचने के लिए डिजिटल मार्केटिंग का सहारा लेते हैं। इस तरह की मार्केटिंग नवाचार और रचनात्मकता को बढ़ावा भी देती है । इस क्षेत्र में माहिर लोगों को अच्छी-खासी सलैरी भी दी जाती है।

डिजिटल मार्केटिंग में करियर बनाने के लिए अनेक कॉर्सेस उपलब्ध हैं। दसवीं और बारहवीं के बाद आप डिप्लोम पाठ्यक्रम, डिग्री पाठ्यक्रम और प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम का चयन कर सकते हैं। देश के विभिन्न कॉलेज इन पाठ्यक्रमों को उपलब्ध भी करवाते हैं। डिजिटल मार्केटिंग में डिप्लोमा, सर्टिफिकेट कोर्स और डिजिटल मार्केटिंग में बैच्लर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA) को अच्छा विकल्प माना माना जाता है। इन सभी पाठ्यक्रमों की अवधि भी अलग होती है। अपने रूचि के हिसाब से आप इस क्षेत्र में अपना विषय चुन सकते हैं।

Manisha Kumari Pandey
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पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
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