कक्षा 6 से 11वीं के छात्र ध्यान दें! CBSE ने किया विज्ञान प्रदर्शनी का ऐलान, अहम नोटिस जारी 

सीबीएसई ने विज्ञान प्रदर्शनी की घोषणा कर दी है। इसका आयोजन अक्टूबर 2025 से लेकर जनवरी 2026 तक होगा। कक्षा 6 से 11वीं के विद्यार्थियों को भाग लेने का मौका मिलेगा। सर्कुलर भी जारी किया गया है। 
ncert free course

AI Generated Image

केंदीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए साइंस एग्जीबिशन (CBSE Science Exhibition) का ऐलान किया है। इसका आयोजन पहले क्षेत्रीय लेवल पर होगा। उसके बाद चयनित छात्रों को नेशनल लेवल में शामिल होने का मौका मिलेगा। इस विज्ञान प्रदर्शनी का उद्देश्य छात्रों के बीच  जिज्ञासा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के विकास को बढ़ावा देना है। सीबीएसई ने कार्यक्रम से संबंधित गाइडलाइंस कर दी है, जिसका पालन छात्रों और स्कूलों को करना होगा।

नोटिफिकेशन के मुताबिक इस बार विज्ञान प्रदर्शनी की थीम “विकसित और आत्मनिर्भर भारत के लिए STEM” है। स्टूडेंट सतत कृषि, अपशिष्ट प्रबंधन और प्लास्टिक के विकल्प, हरित ऊर्जा, उभरती हुई प्रौद्योगिकियां, मनोरंजक गणितीय मॉडलिंग, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, जल संरक्षण और प्रबंधन जैसे उप- विषयों पर आधारित प्रोजेक्ट पेश कर सकते हैं।

जरूरी तारीख और फीस 

सभी स्कूलों को 3 सितंबर से लेकर 26 सितंबर के बीच सीबीएसई के ऑफिशियल वेबसाइट पर पंजीकरण करने का निर्देश दिया है। इसके लिए निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा। इसके अलावा परियोजना या प्रदर्शनी का विवरण जमा करना भी जरूरी होगा। भाग लेने वाले स्कूलों को 3000 रुपये शुल्क का भुगतान ऑनलाइन मोड में करना होगा। बोर्ड ने सभी स्टूडेंट्स को प्रदर्शनी के लिए इको फ्रेंडली पदार्थ का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है। विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन अक्टूबर 2025 से लेकर जनवरी 2026 के बीच किया जाएगा।

किसी प्रकार की सहायता के लिए स्कूल साइंस एग्जीबिशन माइक्रोसाइट को विकसित कर सकते हैं। इसके अलावा 011- 24050600 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा science.fair@cbseshiksha.in पर ईमेल भी भेज सकते हैं।

जरूर रखें इन बातों का ख्याल 

  • कक्षा 6 से लेकर 11वीं के छात्र इस कार्यक्रम का हिस्सा बन सकते हैं।  विज्ञान प्रदर्शनी के लिए छात्रों को दो कैटेगरी में बांटा गया है। \कैटेगरी 1 में 6 से 8 और कैटेगरी-2 में  कक्षा 9 से 11वीं के छात्रों को शामिल किया जाएगा।
  • प्रत्येक स्कूल टीम में अधिकतम दो और एक विज्ञान का शिक्षक मेन्टर के तौर पर शामिल होंगे।
  • प्रत्येक स्कूल केवल दो टीमों को ही रजिस्टर कर सकते हैं।
  • स्टूडेंट एक जांच आधारित अध्ययन, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के मूल सिद्धांत और अनुप्रयो,  किसी समस्या या चुनौती के लिए नवीन समाधान या स्वदेशी डिजाइन जैसे प्रोजेक्ट को प्रस्तुत कर सकते हैं।

ऐसे होगा मूल्यांकन

प्रदर्शनी का मूल्यांकन विशेषज्ञों की टीम द्वारा किया जाएगा। रचनात्मक और कल्पना के लिए 20%, मौलिकता और नवीनता के लिए 15%, वैज्ञानिक विचार या सिद्धांत या दृष्टिकोण के लिए 15%, टेक्निकल स्किल वर्कमैनशिप और क्राफ्टमैनशिप इत्यादि के लिए 15%, भविष्य में समाज के लिए शैक्षिक मूल्य, मापनीयता और उपयोगिता के लिए 15%, इकोनॉमिक्स, पोर्टेबिलिटी और ड्युरेबिलिटी पर 10% और प्रस्तुति के लिए 10% मूल्यांकन किया जाएगा।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews