CBSE का बड़ा फैसला: स्कूल रखेंगे छात्रों के मेंटल हेल्थ का ख्याल, टेली-मानस सेवाओं का होगा प्रसार

सीबीएसई ने स्कूलों में टेली -मानस मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के प्रसार का निर्देश जारी किया है। इसका उद्देश्य छात्रों के मेंटल हेल्थ का ख्याल रखना। कुछ उपायों को अपनाने की सलाह विद्यालयों को दी गई है। 
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छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने बड़ा कदम उठाया है। अब सभी स्कूलों में टेली-मानस मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का एक एकीकरण और प्रसार किया जाएगा। इस संबंध में सीबीएसई ने सभी एफिलेटेड स्कूलों को नोटिस जारी किया गया है। बोर्ड ने विद्यालय शिक्षा ढांचे में इन सेवाओं के सफल एकांकीरण के लिए सक्रिय करवाई का निर्देश दिया है।

नोटिस में बोर्ड ने कहा, “भावनात्मक आकार देने में स्कूल का एक महत्वपूर्ण वातावरण है। टेली-मानस के जरिए छात्रों को  मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के ज्ञान और उन तक पहुंच प्रदान किया जाएगा। स्कूल एक स्वस्थ और आत्मविश्वासी पीढ़ी के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।” सभी स्कूलों को इस बात की जानकारी कर्मचारी, छात्रों और अभिभावकों के बीच व्यापक रूप से प्रसारित करने की सलाह भी दी गई है।

स्कूलों को सीबीएसई ने दी ये सलाह

सीबीएसई ने स्कूलों को टेली-मानस हेल्पलाइन नंबर 14416 और 1800-891- 4416 और टेली-मानस ऐप के QR कोड को प्रमुख स्थान  खासकर काउंसलिंग क्लासरूम, नोटिस बोर्ड, लाइब्रेरी और आईसीटी प्रयोगशालाओं में प्रदर्शित करने की सलाह दी है।  इसके अलावा स्कूल समाचार पत्र, छात्र पुस्तिका, स्कूल असेंबली और अभिभावक शिक्षक बैठकों में मानसिक स्वास्थ्य जागरुकता और टेली-मानस जानकारी शामिल कर सकते हैं।

स्कूल सुनिश्चित करेंगे कि छात्र कल्याण और जीवन कौशल शिक्षा गतिविधियों के दौरान स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा विकसित आईसीसी वीडियो का इस्तेमाल करें। ताकि जरूरत पड़ने पर विद्यार्थियों को टेली-मानस सेवाओं के बारे में जानकारी दी जा सके और उन्हें इसके लिए तैयार किया जा सके।

समग्र  शिक्षा और पीएम श्री स्कूलों के अंतर्गत चल रहे स्कूल कार्यक्रमों के सहयोग से आयु-उपयुक्त साथियों के नेतृत्व वाली स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की सलाह भी बोर्ड में स्कूलों से दी है।

क्या है टेली-मानस मेंटल हेल्थ सर्विस?

मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और युवाओं के  अनुकूल बनाने के लिए राष्ट्रीय टेली-मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम को किया गया था। जिसका उद्देश्य भारत में नागरिक को विशेष का छात्रों के कल्याण के लिए एक फ्री गोपनीय और 24* 7 मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन प्रदान करना है। इसकी शुरुआत 10 अक्टूबर 2022 को की गई थी। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह 53 समर्पित प्रकोष्ठों के जरिए 23 लाख से ज्यादा कॉल्स का समाधान कर चुका है।

सेवाएं फिलहाल  20 भाषाओं में उपलब्ध है। एक मोबाइल ऐप को लॉन्च किया गया है, जो सिर्फ हिन्दी और इंग्लिश में उपलब्ध है। सरकार अन्य भाषाओं को जोड़ने की तैयारी भी कर रही है। इसका प्रबंधन प्रशिक्षित मानसिक स्वास्थ्य पेशावर द्वारा होता है। इसमें किशोरों और युवाओं की बातचीत को गोपनीय रखा जाता है।

Manisha Kumari Pandey
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