CBSE का बड़ा फैसला, कक्षा 10वीं और 12वीं में लागू नहीं होगी ओपन बुक परीक्षा, चुनिंदा स्कूलों में शुरू होगा पायलट, जानें डिटेल

सीबीएसई ओपन बुक एग्जाम के पायलट प्रोजेक्ट में कक्षा 10वीं और 12वीं को शामिल न करने का निर्णय लिया गया है। इस साल कुछ सीमित स्कूलों में ट्रायल शुरू होगा।
cbse news

CBSE Open Book Exam: सीबीएसई ओपन बुक परीक्षा को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में कक्षा 9वीं और 11वीं के में OBE का प्रयोग शुरू करेगा। पायलट प्रोजेक्ट कुछ चुनिंदा स्कूलों में भी आयोजित होगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कक्षा 10वीं और 12वीं में ओपन बुक परीक्षा लागू नहीं होगी। बता दें कि पिछले साल ही बोर्ड ने ओपन बुक एग्जाम पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की घोषणा की थी।

सीबीएसई के वरिष्ठ अधिकारी ने कही ये बात

सीबीएसई के सेक्रेटरी हिमांशु गुप्ता ने कहा, “अब यह फैसला लिया गया है कि ओबीई को कक्षा 9वीं और 11वीं के लिए ही पायलट किया जाएगा। कक्षा 10वीं और 12वीं में कोई ओपन बुक परीक्षा नहीं होगी। इस साल कुछ स्कूलों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू होगा।” हिमांशु गुप्ता के बयान के मुताबिक बोर्ड ओबीई ट्रायल को इस साल के अंत यानि नवंबर-दिसंबर महीने में कुछ सीमित स्कूलों में शुरू कर सकता है। अगले साल पायलट प्रोजेक्ट का विस्तार किया जाएगा।

ओबीई का उद्देश्य

बता दें कि पिछले साल गवर्निंग बॉडी मीटिंग में कक्षा 9वीं से लेकर 12वीं के लिए कुछ विषयों की ओपन बुक परीक्षा के ट्रायल को मंजूरी दी थी। इस संबंध में बोर्ड ने सभी स्कूलों को प्रस्ताव भी भेजा था। लेकिन कक्षा 10वीं और 12वीं को ट्रायल से निकालने का निर्णय लिया गया है। इस परीक्षा में छात्र अपनी किताबें, नोट्स और अन्य स्वीकृत सामग्री साथ रखकर परीक्षा दे सकेंगे। इस परीक्षा में सीधे प्रश्न नहीं बल्कि एनलिटिकल एबिलिटी को पढ़ने वाले प्रश्न दिए जाएंगे। ताकि छात्र अपने विश्लेषणात्मक कौशलों का उपयोग कर सके।

इन विषयों में हो सकती है सकती ओबीई

पायलट स्टडी प्रपोजल के तहत 9वीं और 10वीं के लिए ये ओपन बुक परीक्षा गणित, अंग्रेजी और विज्ञान जैसे विषयों के लिए आयोजित की जानी थी। वहीं 11वीं और 12वीं के लिए ओबीई अंग्रेजी, गणित और बायोलॉजी के लिए आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया था।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews