Government Schemes: स्कॉलरशिप के लिए उठायें इन 3 सरकारी योजनाओं का लाभ, पूरा होगा आपका सपना

scholarship

Government Schemes: छात्रों के लाभ के लिए भारत सरकार कई योजनाएं चलाती है। जिसके तहत आर्थिक सुविधाएं पढ़ाई पूरी करने की प्रदान की जाती है। यदि आप भी सही स्कॉलरशिप की तलाश कर रहे हैं तो यह खबर आपके काम आ सकती हैं। हम कुछ सरकारी योजनाओं के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके जरिए आप छात्रवृति प्राप्त कर सकते हैं। स्नातक और पोस्ट ग्रेजुएशन के छात्रों के लिए केन्द्रीय और राज्य सरकार ढेरों स्कॉलरशिप स्कीम्स चलाती है। आइए जानें इनके बारे में-

विद्या लक्ष्मी योजना

देश में शिक्षा को बढ़ावा देने और साक्षरता को सुधारने के लिए यह योजना केन्द्रीय सरकार द्वारा शुरू की गई है। यह एक लोन संबंधित स्किन है। योजना के तहत उन लोगों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है जो किसी वजह से अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए। इसके जरिए काबिल छात्र अपनी पढ़ाई पूरी कर सकते हैं।

स्वानथ स्कॉलरशिप स्कीम

इस योजना को अखिल भारतीय तकनीकी परिषद (AICTE) द्वारा शुरू किया गया है। इस योजना के तहत छात्रों को 50,000 रुपये तक की छात्रवृति प्रदान करवाई जाती है। इस योजना का तकनीकी क्षेत्र में शिक्षा प्राप्त कर रहे उन छात्रों को मिलेगा जो कोविड के कारण अपने अभिभावक खो चुके हैं।

प्रगति और सक्षम स्कॉलरशिप योजना

यह भी अखिल भारतीय तकनीकी परिषद (AICTE) की ओर से चलाई जाने वाली विशेष योजना है। योजना के योग्य और मेधावी छात्रों को आर्थिक सहायता दी जाती है। प्रगति योजना का उद्देश्य छात्रों को कौशल और आत्मविश्वास के सशक्त बनाना है, जिसके लिए छात्रों को 30,000 रुपये की सहायता प्रदान करवाई जाती है। वहीं सक्षम योजना के तहत डिप्लोमा/डिग्री पाठ्यक्रमों के विकलांग छात्रों को करीब 30 हजार रुपये की वित्तीय सहायता मिलती है।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews