केंद्रीय विद्यालय में करवाना चाहते हैं बच्चे का एडमिशन, यहां देखें मध्य प्रदेश के टॉप KVS की लिस्ट

हर माता-पिता अपने बच्चों को बेहतरीन शिक्षा देना चाहते हैं। जब हाई क्वालिटी एजुकेशन की बात आती है तो केंद्रीय विद्यालय का नाम सबसे पहले सामने आता है। चलिए आज मध्य प्रदेश के कुछ केंद्रीय स्कूलों के बारे में जान लेते हैं।
Kendriya vidyalaya

केंद्रीय विद्यालय की गिनती देश के टॉप सरकारी स्कूलों में होती है। लगभग हर राज्य में यह स्कूल मौजूद है जहां बच्चों को बजट में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्रदान की जाती है। सीबीएसई से संबद्ध रखने वाले ये स्कूल देश भर में अपनी समान शिक्षा प्रणाली की वजह से पहचाने जाते हैं। मुख्य रूप से यहां सरकारी कर्मचारियों के बच्चों को पहले प्रवेश दिया जाता है उसके बाद रिक्त सीटों और आरक्षण के हिसाब से एडमिशन मिलता है।

मध्य प्रदेश में भी कई सारे केंद्रीय विद्यालय मौजूद हैं जो देश के टॉप स्कूलों में से एक है। यहां बच्चों के एडमिशन की एक प्रक्रिया है जिसके तहत एडमिशन के लिए रजिस्ट्रेशन ओपन होते हैं उसके बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन होता है और एलिजिबिलिटी के हिसाब से बच्चों को एडमिशन दिया जाता है। चलिए आज हम आपको मध्य प्रदेश के कुछ टॉप केंद्रीय विद्यालय संगठन के नेतृत्व में चलने वाले स्कूलों के बारे में बताते हैं।

केंद्रीय विद्यालय, जमाई (Kendriya Vidyalaya)

मध्य प्रदेश के जमाई में केंद्रीय विद्यालय मौजूद है जहां आप पहले से पांचवी तक के बच्चों को पढ़ाई करवा सकते हैं। यह स्कूल पांचवी तक ही है इसके बाद आपके बच्चे का एडमिशन दूसरे स्कूल में करवाना होगा। यह कोएड स्कूल है जहां लड़के और लड़कियों की क्लास एक साथ लगती है। यहां बच्चों को सीबीएसई करिकुलम के हिसाब से पढ़ाई करवाई जाती है। साल 2016 में इसे शुरू किया गया था। यहां सारे विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं।

उमरिया

मध्य प्रदेश की उमरिया में भी केंद्रीय विद्यालय मौजूद है जो अपनी उच्च गुणवत्ता की शिक्षा के लिए प्रसिद्ध है। यहां पर पहले से दसवीं तक के बच्चों के लिए सीबीएसई करिकुलम के हिसाब से सभी तरहकी सुविधा। आधुनिक लैब, कंप्यूटर प्रणाली से स्कूल एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज पर भी काफी ध्यान देता है। 2010 में इसकी शुरुआत की गई थी और यह शहर के सबसे प्रतिष्ठ स्कूलों में से एक है।

शिवपुरी

शिवपुरी मध्य प्रदेश के जाने पहचाने शहरों में से एक है। यहां आप पहली से लेकर 12वीं तक अपने बच्चों को कम बजट में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा देने के लिए एडमिशन दिलवा सकते हैं। यह दे स्कूल है जिसकी स्थापना 1988 में की गई थी। तब से लेकर आज तक यह स्कूल सफलता के नए-नए सोपान गढ़ रहा है। बदलते समय के साथ यहां बच्चों की शिक्षा को बेहतरीन बनाने के लिए आधुनिकता का इस्तेमाल भी किया जाने लगा है। यहां कंप्यूटर लैब, साइंस लैब खेलने के लिए मैदान और अन्य सुविधाएं बच्चों के लिए मौजूद है।

टीकमगढ़

टीकमगढ़ में रहने वाले पेरेंट्स भी अपने बच्चों को पहले से दसवीं तक की पढ़ाई सेंट्रल स्कूल में करवा सकते हैं। सीबीएसई करिकुलम के हिसाब से एजुकेशन देने वाला यह स्कूल यहां साल 2011 में शुरू किया गया था। इस डे स्कूल में बच्चों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा के साथ सांस्कृतिक और खेलकूद की गतिविधियों में बेहतरीन बनाने के लिए अच्छे टीचर्स मौजूद है।

इंदौर

मध्य प्रदेश के आर्थिक राजधानी इंदौर में पहले से 12वीं तक के लिए सेंट्रल स्कूल मौजूद है। यह आज से नहीं बल्कि 1986 से चलाया जा रहा है। इस स्कूल में हाई क्वालिटी एजुकेशन के अलावा खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों पर भी काफी ध्यान दिया जाता है। यहां बच्चों के लिए मॉडर्न तकनीक से पढ़ाई के साधन भी उपलब्ध हैं।

Diksha Bhanupriy
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Diksha Bhanupriy

10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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