UGC ने जारी किया अलर्ट! छात्र भूलकर भी न करें ऐसे डिप्लोमा या डिग्री कोर्स, वरना बर्बाद होगा करियर

यूजीसी ने कॉलेजों और स्टूडेंट्स के लिए चेतावनी जारी है। विदेशी संस्थानों के सहयोग से ऑफर होने वाली फर्जी डिग्री को लेकर सावधानी बरतने को कहा। ऐसे डिप्लोमा और डिग्री को भारत में मान्यता प्राप्त नहीं है। आइए जानें आयोग ने क्या कहा?
ugc fake university list

AI Generated Image

नए शैक्षणिक सत्र के लिए पीजी और यूजी पाठ्यक्रमों में दाखिले की प्रक्रिया देश भर के विभिन्न संस्थानों में जारी है। इसी बीच विदेशी शैक्षणिक संस्थान के नाम पर फर्जी डिग्री देने के मामले भी सामने आए हैं। जिसे लेकर यूजीसी ने अलर्ट जारी किया है। ट्विनिंग कार्यक्रम, संयुक्त डिग्री, दोहरी डिग्री कार्यक्रम की पेशकश करने के लिए भारतीय उच्च शिक्षा संस्थान या कॉलेज विदेशी उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच शैक्षणिक सहयोग वाले कोर्स को लेकर सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।

नोटिस में आयोग ने बताया कि कई उच्च शिक्षा संस्थान या कॉलेज ऐसे विदेशी शैक्षणिक संस्थाओं और प्रदाताओं के सहयोग के साथ कोर्स ऑफर कर रहे हैं, जो यूजीसी द्वारा मान्यता प्राप्त ही नहीं है। कॉलेज विदेशी शैक्षणिक संस्थान के नाम पर नामांकित छात्रों को डिग्री जारी करने की सुविधा भी प्रदान कर रहे हैं। जिसका कोई महत्व देश में नहीं है।

इसके अलावा कुछ ऐड टेक कंपनियां भी विदेशी विश्वविद्यालय और संस्थाओं के साथ मिलकर ऑनलाइन माध्यम से डिग्री या डिप्लोमा कार्यक्रम की पेशकश करते हुए समाचार पत्रों/सोशल मीडिया टेलीविजन आदि में विज्ञापन दे रही हैं। जिसे यूजीसी ने मंजूरी भी नहीं दी है।

नियमों का उल्लंघन होने पर यूजीसी लेगा एक्शन

इन मामलों को लेकर आयोग ने कहा, “इस प्रकार के सहयोग या व्यवस्था को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं है। ऐसे सहयोग/व्यवस्था की तरफ से जारी की गई डिग्रियां भी यूजीसी द्वारा मान्य नहीं करेगा। सभी दोषी शिक्षा संस्थानों और एडटेक कंपनियों के खिलाफ लागू कानून और नियमों के तहत कार्रवाई भी की जाएगी।

स्टूडेंट्स रखें इन बातों का ख्याल 

आम जनता और छात्रों को सावधानी बरतने की सलाह यूजीसी ने दी। उन्हें ऐसे पाठ्यक्रमों, कार्यक्रम और डिग्रियों में एडमिशन लेने से मना किया है, जिसे  यूजीसी से मान्यता प्राप्त नहीं है।   यदि कोई स्टूडेंट ऐसा करता है, भविष्य में होने वाली परेशानी की पूरी जिम्मेदारी भी उसकी ही होगी। यूजीसी द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थानों में इनका कोई महत्व नहीं होगा। जॉब में भी दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए किसी भी कोर्स से जुड़ने के लिए इसकी जांच जरुर कर लें। आयोग के ऑफिशियल वेबसाइट http://www.ugc.gov.in पर  सभी मान्यता प्राप्त संस्थाओं की लिस्ट उपलब्ध है।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews