UPSC CSE: 7 सालों बाद आयोग ने उठाया ऐसा कदम, उम्मीदवारों को मिलेगी राहत, 21 फरवरी तक करें आवेदन

UPSC CSE: 7 सालों बाद आयोग ने उठाया ऐसा कदम, उम्मीदवारों को मिलेगी राहत, 21 फरवरी तक करें आवेदन

UPSC CSE 2023: यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन ने बुधवार को सिविल सेवा परीक्षा के नोटिफिकेशन जारी कर दिए हैं। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाईट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। जिसके लिए अंतिम तिथि 21 फरवरी है। सीएसई की प्रारम्भिक परीक्षा 28 मई को होगी। वहीं मेंस परीक्षा 15 सितंबर को आयोग द्वारा आयोजित की जाएगी। आवेदन करने के लिए न्यूनतम आयु सीमा 21 साल और अधिकतम 32 साल है। कोई भी भारतीय नागरिक अप्लाइ करने के पात्र होंगे। उम्मीदवारों के पास ग्रेजुएशन की डिग्री किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय ने होनी चाहिए। कैंडीडेट 6 प्रयास कर सकते हैं। हालांकि आरक्षित केटेगरी के उम्मीदवारों को छूट दी जाएगी।

7 सालों बाद आयोग ने किया ये काम

पिछले 7 सालों में यूपीएससी ने सबसे बड़ी वैकेंसी निकाली है। कुल 1105 पदों पर भर्ती होगी। इससे पहले साल 2014 में इतनी बड़ी वैकेंसी आयोग ने निकली थी, कुल 1364 पदों पर भर्ती हुई थी। वहीं साल 2021 में 1011 भर्ती की निकली थी। अन्य किसी भी जानकारी के लिए ऑफिशियल वेबसाईट पर विज़िट कर सकते हैं।

ऐसे करें आवेदन

  • सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाईट upsconline.nic.in पर जाएं।
  • अब ऑनलाइन आवेदन के लिंक पर क्लिक करें।
  • दूसरा पेज खुलेगा, जहां विभिन्न परीक्षाओं के ऑनलाइन एप्लीकेशन का लिंक होगा, उसपर क्लिक करें।
  • यूपीएससी आईएएस के लिए दो भागों में आवेदन करना होगा।
  • पहले भाग में मूल जानकारी भरें और फोटो अपलोड करें। फिर शुल्क भुगतान करें।
  • एक बार दिए गए जरूरी निर्देश को जरूर पढ़ें और सबमिट बटन पर क्लिक करें।
  • उसके बाद प्रोसेस का अगला स्टेप फॉलो करें। आवेदन शुल्क भरने के बाद परीक्षा केंद्र का चयन करें।
  • नेक्स्ट स्टेप में जरूरी दस्तावेजों को जमा करें।
  • आवेदन पत्र की एक प्रिन्ट आउट निकलवा लें।
Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews