UPSC 2023: अभ्यर्थियों के लिए काम की खबर, ये 4 कॉलेज दे रहे हैं फ्री कोचिंग की सुविधा, ऐसे उठाएं लाभ

UPSC 2023: अभ्यर्थियों के लिए काम की खबर, ये 4 कॉलेज दे रहे हैं फ्री कोचिंग की सुविधा, ऐसे उठाएं लाभ

UPSC Free Coaching: यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन की सिविल सर्विसेस परीक्षा दुनिया के कठिन परीक्षाओं में से एक है। जिसकी तैयारी के लिए कई प्रसिद्ध कोचिंग क्लासेस भी देश में उपलब्ध है, लेकिन इनकी फीस भी काफी ज्यादा होती। जिसका लाभ सभी अभ्यर्थियों द्वारा नहीं उठाया जा सकता है। देश के कई ऐसे शैक्षणिक संस्थान हैं, जो मुफ़्त कोचिंग की सुविधा दे रहे हैं। स्कॉलरशिप का लाभ उठा कर उम्मीदवार अपनी तैयारी अच्छे से कर सकते हैं।

बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी

डॉ अंबेडकर सेंटर ऑफ एक्सिलेंस ने बीएचयू में सिविल सर्विसेस की तैयारी के लिए फ्री कोचिंग की सुविधा देता है। हालांकि इसका लाभ केवल एससी कैटेगरी के छात्र की उठा सकते हैं। कुल 100 उम्मीदवार प्रतिवर्ष इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।

जामिया हमदर्द रेसीडेंशियल कोचिंग एकाडेमी

यह एकाडेमी मुफ़्त में अल्पसंख्यक, एससी, एससी और महिला उम्मीदवारों को सिविल सर्विसेज परीक्षा के लिए कोचिंग प्रदान करता है। लिखित परीक्षा के आधार पर इसके लिए उम्मीदवारों का चयन होता है।

IGNOU

इन्द्र गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी भी फ्री यूपीएससी कोचिंग प्रदान करता है। यह सुविधा एससी कैटेगरी के उम्मेदवारों के उपलब्ध है, जो डॉ अंबेडकर एक्सिलेन्स द्वारा चलाई जाती है। कॉमन एन्ट्रेंस टेस्ट के आधार पर फ्री कोचिंग के लिए उम्मीदवारों का चयन किया जाता है।

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी रेसीडेंशियल कोचिंग एकाडेमी

एएमयू भी यूपीएससी अभियार्थियों की मुफ़्त कोचिंग की सुविधा का लाभ देता है। हर साल 100 छात्रों का चयन प्रोग्राम के तहत किया जाता है। इसका लाभ एससी, एसटी, अल्पसंख्यक और महिला उमीदवार उठा सकते हैं।

Manisha Kumari Pandey
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पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
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