खो जाए CBSE बोर्ड परीक्षा का एडमिट कार्ड तो क्या करें छात्र? ऐसे मिलेगा डुप्लिकेट प्रवेश पत्र, इन स्टेप्स को करें फॉलो 

यदि बोर्ड एग्जाम एडमिट कार्ड खो जाए तो घबराएं नहीं शांति से काम करें। छात्र डुप्लिकेट प्रवेश पत्र प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि रेगुलर और प्राइवेट स्टूडेंट्स के लिए नियम अलग होते हैं। आइए जानें क्या करें?
CBSE Board admit card

सीबीएसई  कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं (CBSE Board Exam 2025) शुरू हो चुके हैं। इसमें लाखों छात्र शामिल होंगे। बोर्ड एग्जाम के लिए एडमिट कार्ड एक महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है। इसे छात्रों का पहचान पत्र कहा जा सकता है। एडमिट कार्ड की प्रिंटेड कॉपी एग्जाम हॉल में प्रवेश की अनुमति नहीं होती।

बोर्ड एग्जाम प्रवेश पत्र में छात्र का नाम, रोल नंबर, विषय का नाम, विषय कोड, परीक्षा केंद्र का नाम एवं पता, रजिस्ट्रेशन नंबर और अन्य जानकारी उपलब्ध होती है। बोर्ड परीक्षा काफी लंबे समय तक चलती है। ऐसे में कुछ छात्र अपना एडमिट कार्ड खो देते हैं। ऐसी में उन्हें समझ नहीं आता कि क्या करना चाहिए। रेगुलर और प्राइवेट स्टूडेंट्स के लिए डुप्लीकेट एडमिट कार्ड प्राप्त करने के नियम अलग हैं।

रेगुलर छात्र ऐसे प्राप्त करें डुप्लिकेट एडमिट कार्ड

सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में शामिल होने रेगुलर स्टूडेंट यदि एडमिट कार्ड खो देते हैं  तो इस स्थिति में स्कूल अथॉरिटी को संपर्क करना चाहिए। उनसे एडमिट कार्ड के डुप्लीकेट कॉपी की मांग करनी चाहिए। छात्रों को प्रवेश पत्र संभाल कर रखने की सलाह दी जाती है। यह भविष्य में भी काम आता है।

प्राइवेट स्टूडेंट्स ऐसे प्राप्त करें डुप्लिकेट प्रवेश पत्र 

प्राइवेट स्टूडेंट्स सीबीएसई के ऑफिशियल वेबसाइट https://www.cbse.gov.in/ पर जाकर डुप्लीकेट एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले सीबीएसई के वेबसाइट पर जाएं। होमपेज परीक्षा संगम पोर्टल के टैब पर क्लिक करें। अब एडमिट कार्ड के लिंक पर क्लिक करें। एप्लीकेशन नंबर, रोल नंबर, अपना नाम और अन्य दर्ज करें। सारी जानकारी सत्यापित होने के बाद एडमिट कार्ड डाउनलोड करें। इसका प्रिंट आउट जरूर निकाल लें।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews