
बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री की मशहूर अदाकारा माधुरी दीक्षित का हर कोई दीवाना है, जिन्होंने 80 से 90 के दशक में अपना जादू चलाया था। थिएटर केवल इन्हीं की फिल्मों से भरे होते थे। इंडस्ट्री में एक से बढ़कर एक सुपरहिट फिल्में दे रही अभिनेत्री का कैरियर पिक पॉइंट पर था। लोग उनकी फिल्में देखने के लिए थिएटर हाउस फुल होने के बाद भी पहुंचते थे। उनकी खूबसूरती हर किसी को टक्कर देती थी। धक-धक गर्ल के नाम से बुलाया जाता है। आज भी उनके चाहने वालों में कोई कमी नहीं आई है। भले ही वह फिल्मों में अब कम नजर आती हों, लेकिन सोशल मीडिया पर हमेशा एक्टिव रहती हैं और यहां उनकी फैन फॉलोइंग तेजी से बढ़ती ही जाती है। हर कोई उनकी अदा और खूबसूरती पर अपना दिल हार बैठता था।
उन्होंने अपने अभिनय, डांस और एक्सप्रेशंस से हिंदी सिनेमा को अलग ही पहचान दी है, जिसकी बराबरी आज भी मुश्किल है। उनकी फिल्मों का आज भी लोगों को इंतजार रहता है। हालांकि, शादी के बाद वह लंबे समय तक बड़े पर्दे से दूर रही थी।
खेल
माधुरी दीक्षित हर किरदार और हर गाने में अपनी सादगी से सभी का दिल जीत लेती है। हालांकि, आज हम आपको एक ऐसा ही किस्सा सुनाने जा रहे हैं, जो कहीं-न-कहीं फिल्मी और हकीकत की दुनिया से जुड़ा हुआ है। दरअसल, हम खेल की बात कर रहे हैं, जिसे राकेश रोशन ने डायरेक्ट किया था। यह साल 1992 में रिलीज हुआ। जिसमें अनिल कपूर और माधुरी दीक्षित की जोड़ी नजर आई थी, जिसे फैंस का काफी ज्यादा प्यार मिला था। फिल्म के गाने, म्यूजिक उस दौर में भी चर्चा का विषय बने थे, जो आज भी लोगों को पसंद आता है। ‘खेल’ ने बॉक्स ऑफिस पर भले ही बड़ी धमाकेदार कमाई न की हो, लेकिन इसके गाने और माधुरी की अदाएं आज भी फैंस के दिलों में जिंदा हैं।
‘खत लिखना है…’
दरअसल, फिल्म खेल का गाना ‘खत लिखना है, पर सोचती हूं…’ उस दौर की मासूम मोहब्बत है। यह वो समय था, जब न मोबाइल थे और न चैटिंग का कोई जरिया था। लोग अपने प्यार का इजहार खत के जरिये करते थे। ऐसे में माधुरी दीक्षित इस गाने में अपनी मां को खत लिखने बैठती हैं, लेकिन उनका दिल प्रेमी यानी अनिल कपूर में उलझा रहता है। वे मां को लिखने की कोशिश करती हैं, पर हर बार उनकी कलम मोहब्बत के भावों में अटक जाती है।
गाने की शूटिंग
गाने का सेटअप बेहद सरल था। पार्क की हरी-भरी घास, माधुरी की सादगी भरी अदाएं और अनिल कपूर का मस्तमौला अंदाज इस गाने को और खूबसूरत बना देता है। अनिल कपूर उन्हें टिप्स देते हैं कि आखिर प्यार का इजहार कैसे किया जाए। गाने के हर सीन में माधुरी की आंखों का जादू और मासूम मुस्कान फैंस का दिल जीत लेती है। इस गाने को जावेद अख्तर ने लिखा था। ‘खत लिखना है, पर सोचती हूं…’ के बोल एक साधारण लड़की की झिझक और दिल की धड़कनों को बयां करते हैं। इसे अपनी आवाज लता मंगेशकर और मोहम्मद अजीज ने दी थी।
सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

