गुरूवार को सीएम 83 लाख किसानों को देंगे तोहफा, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की जारी करेंगे दूसरी किस्त

मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना का लाभ उन किसानों को ही मिलता है जो पहले से पीएम किसान सम्मान निधि योजना में रजिस्टर्ड हैं।इसमें मिलने वाली राशि पीएम किसान की राशि से अलग होती है।
farmers news

मध्य प्रदेश के किसानों के लिए अच्छी खबर है। गुरूवार 14 अगस्त बलराम जयंती के अवसर पर सीएम डॉ. मोहन यादव  मंडला से प्रदेश के किसानों को मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना वर्ष 2025-26 की दूसरी किस्त का किसानों के खाते में अंतरण करेंगे। इस योजना से प्रदेश के 83 लाख किसान हितग्राही लाभांवित होंगे।कार्यक्रम में कृषि तथा संबंधित क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान को प्रतिपादित करने संबंधी गतिविधियों का आयोजन भी किया जाएगा।

मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना क्या है

मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना सितंबर 2020 से लागू की गई है। इस योजना में लाभांवित किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रूपये की सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के अलावा है। मार्च 2025 तक 83 लाख से अधिक किसान हितग्राहियों को 17,500 करोड़ का वित्तीय समर्थन दिया गया है।

किसान कल्याण योजना के लिए कौन हैं पात्र

मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना का लाभ उन किसानों को मिलता है जो मध्य प्रदेश के मूल निवासी हैं, उनकी आयु 18 वर्ष से अधिक हो।खास बात ये है कि सीएम किसान कल्याण योजना का लाभ उन किसानों को ही मिलता है जो पहले से पीएम किसान सम्मान निधि योजना में रजिस्टर्ड हैं।

सोमवार को जारी हुई थी 14.28 लाख किसानों के खातों में 1383 करोड़ की फसल बीमा राशि

  • केन्द्र सरकार ने सोमवार को देश भर के किसानों सहित मध्यप्रदेश के 14 लाख 28 हजार 67 किसानों के 54 लाख 23 हजार 287 बीमा खातों में लगभग 1383 करोड़ रुपए की फसल बीमा राशि हस्तांतरित की है। यह राशि लगभग 3 वर्षों के अलग-अलग फसल बीमा की है। इसमें वित्त वर्ष 2023-24 के रबी फसल की बीमा राशि वर्ष 2024 की खरीफ फसल की बीमा राशि और वित्त वर्ष 2024-25 की रबी सीजन की विभिन्न फसलों की बीमा राशि शामिल है।
  • बता दे कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत 13 मई 2016 में की गई थी। इसके अंतर्गत प्राकृतिक आपदाओं से खरीफ फसल को होने वाले नुकसान से किसानों को राहत दिलाने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और पुनर्गठित मौसम आधारित उद्यानिकी फसल बीमा योजना की चलाई जाती है। योजाना के अंतर्गत मौसम, सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि आदि प्राकृतिक आपदाओं से किसानों की फसल खराब होती है तो इस स्थिति में फसल को होने वाले नुकसान की क्षतिपूर्ति की जाती है। इससे योजना के तहत किसानों की फसल खराब हो जाने बावजूद उन्हें बीमा का पैसा मिलता है।
Pooja Khodani
लेखक के बारे में
Pooja Khodani

12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
Follow Us :GoogleNews