लाखों पेंशनरों के लिए ताजा अपडेट, 26 जनवरी से शुरू होगी ये सुविधा, इस तरह मिलेगा लाभ

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Pensioners Pension 2023: राजस्थान के पेंशनरों के लिए अच्छी खबर है। अब पेंशनरों का फेस स्कैनिंग से सत्यापन हो सकेगा इसके लिए 26 जनवरी से राज्य में फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम की शुरूआत की जाएगी। इससे  घर बैठे अपने स्मार्ट फोन से ही सत्यापन कर सकेंगे। माना जा रहा है कि 26 जनवरी से मोबाइल एप से ही फेस ऑथेंटिकेशन प्रणाली की सुविधा शुरू की जाएगी। इससे राज्य के करीब 94 लाख पेंशनरों को लाभ होगा। अब योजना के लाभार्थियों को सत्यापन कराने के लिए ई-मित्र के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

लाखों पेंशनरों को मिलेगा

सवाई माधोपुर जिले के 1 लाख 63 हजार 545 पेंशनर्स है, जिनमे से 1 लाख 15 हजार 86 पेंशनर्स का सत्यापन हो चुका है और 48 हजार 459 पेंशनर्स का सत्यापन होना बाकी है, जिन्हें 31 जनवरी तक सत्यापन करवाना जरूरी है। वही डूंगरपुर जिले के 2.5 लाख पेंशनरों को लाभ होगा। वही देश के 94 लाख पेंशनर्स इससे लाभान्वित होंगे। विभाग की ओर से अब जिन पेंशनधारी के थंब और आंखों का स्कैन मैच नहीं हो पा रहा है तो उनका फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से सत्यापन किया जाएगा।

ऐसा करने वाला देश में पहला राज्य होगा

इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।वर्तमान में सामाजिक सुरक्षा के पेंशनधाारियों को ई-मित्र केंद्र पर बॉयो-मैट्रिक आधारित सत्यापन किया जाता है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभार्थियों को योजना का लाभ लेने के लिए हर साल नवंबर माह में ई-मित्रों पर अपना भौतिक सत्यापन कराना होता है। यह सिस्टम शुरू होने के बाद सामाजिक पेंशन योजना में भौतिक सत्यापन की यह सुविधा देने वाला राजस्थान देश में पहला राज्य बन जाएगा। मोबाइल एप से सुविधा शुरू होने से लाभार्थी अपने घर बैठे सत्यापन कर सकेंगे।

इन समस्याओं से मिलेगा छुटकारा

दरअसल,राज्य व केंद्र सरकार की 10 पेंशन योजनाओं के सालाना सत्यापन होता है। इसके लिए पेंशनधारियों को समाज कल्याण विभाग और एसडीएम ऑफिसों के चक्कर लगाने पड़ते है, चुंकी बुजुर्गों के थंब इंप्रेशन व आंखों की पुतली का सही से स्कैन ना होने के कारण ऑनलाइन पेंशन राशि रुक जाती है,लेकिन अब 26 जनवरी से शुरू होने वाले फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम से इन सभी समस्याओं से राहत मिलेगी।

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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