लोकसभा में भारी हंगामे के बीच ‘जी राम जी’ बिल पास, विपक्ष ने फाड़ी विधेयक की प्रतियां, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा “सख्त से सख्त विरोध करेंगे”

सरकार का कहना है कि यह नया कानून मनरेगा की जगह लेगा और ग्रामीण परिवारों को साल में 125 दिन तक रोजगार की कानूनी गारंटी देगा। वहीं विपक्ष ने इसे महात्मा गांधी का अपमान और गरीब-विरोधी कदम बताया। प्रियंका गांधी ने कहा कि राज्यों पर आर्थिक बोझ बढ़ने से भविष्य में यह योजना समाप्त हो जाएगी।
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गुरुवार को लोकसभा में भारी हंगामे और विरोध के बीच ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) बिल 2025’ पारित कर दिया गया। यह बिल 20 वर्ष पुरानी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की जगह लेगा और इसके तहत ग्रामीण परिवारों को प्रति वर्ष 125 दिनों के अकुशल मजदूरी रोजगार की कानूनी गारंटी प्रदान की जाएगी।

बिल पारित होने के तुरंत बाद विपक्षी सांसदों ने सदन में जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस सहित विपक्षी दलों के सदस्य वेल में पहुंच गए, नारे लगाए, बिल की प्रतियां फाड़ी और उन्हें स्पीकर की कुर्सी की ओर फेंक दिया। हंगामा इतना बढ़ गया कि स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी।

“जी राम जी बिल” लोकसभा में पारित

संसद के शीतकालीन सत्र में गुरुवार को लोकसभा में ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल’ बिल पारित कर दिया गया। बिल पर बहस का जवाब देते हुए केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि “हम किसी से भेदभाव नहीं करते। पूरा देश हमारे लिए एक है। देश हमारे लिए केवल जमीन का टुकड़ा नहीं है। हमारे विचार संकीर्ण और संकुचित नहीं हैं।” शिवराज सिंह चौहान ने महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि बापू हमारे दिलों में बसते हैं और यह बिल गांधीजी के ग्राम स्वराज के सपनों को साकार करने वाला है।

विपक्ष ने किया जमकर हंगामा

वहीं, जी राम जी बिल के लोकसभा में पारित होते ही विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों के सांसद अपनी सीटों से उठकर वेल ऑफ द हाउस में पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्षी सांसदों ने बिल की प्रतियां फाड़कर हवा में उछालीं और स्पीकर की कुर्सी की ओर फेंक दीं, जिससे सदन का माहौल पूरी तरह अव्यवस्थित हो गया। उन्होंने “जी राम जी” विधेयक को महात्मा गांधी का अपमान करार दिया है। कांग्रेस सांसदों ने आरोप लगाया कि मनरेगा से गांधीजी का नाम हटाकर मोदी सरकार उनकी विरासत मिटाने की कोशिश कर रही है। विपक्षी सदस्यों ने सदन के बाहर गांधीजी की तस्वीरें लेकर प्रदर्शन भी किया।

प्रियंका गांधी ने कहा ‘सख्त विरोध करेंगे’

प्रियंका गांधी ने कहा कि वो इस बिल का पूरी तरह और ठोस विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि पूरा विपक्ष इस बिल के विरोध में हैं। कांग्रेस सांसद ने कहा कि “सौ दिन से एक सौ दिन रोज़गार देने की बात करना सरकार की चालाकी है। अगर कोई इस बिल को पढ़ेगा तो स्पष्ट समझ जाएगा कि इस बिल से आने वाले समय में स्कीम खतम हो जाएगी। जैसे ही ये बोझ प्रदेश सरकारों पर पड़ेगा कि इतना पैसा उन्हें देना है, वैसे ही ये स्कीम समाप्त हो जाएगी। प्रदेश की सरकारों के पास इतना पैसा नहीं है। ये योजना देश के सबसे गरीब व्यक्ति के लिए सौ दिन के रोजगार की गारंटी थी। लेकिन सरकार इसे समाप्त करने की कोशिश कर रही है।” उन्होंने कहा कि ये बिल मजदूरों और गरीबों के खिलाफ है और हम इसका सख्त विरोध करेंगे।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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